
पचमढ़ी कैबिनेट बैठक:
पचमढ़ी कैबिनेट बैठक: मोहन यादव सरकार की पचमढ़ी कैबिनेट बैठक में पर्यटन विकास, राजा भभूत सिंह की स्मृति और 33.88 करोड़ के कार्यों पर हुआ महत्वपूर्ण निर्णय।
पचमढ़ी में पहली बार मोहन यादव कैबिनेट की बैठक
मध्यप्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। यह बैठक पचमढ़ी के जागीरदार राजा भभूत सिंह की स्मृति को समर्पित रही, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में तात्या टोपे का साथ देते हुए अहम भूमिका निभाई थी।

इस विशेष कैबिनेट बैठक का आयोजन हाल ही में पचमढ़ी की 395.93 हेक्टेयर भूमि को नजूल और राजस्व स्वामित्व में लाने के बाद किया गया।
🎯 कैबिनेट बैठक के मुख्य उद्देश्य
- पर्यटन विकास को बढ़ावा देना
- राजा भभूत सिंह की स्मृति में प्रतिमा और संस्थान/पार्क के नामकरण पर निर्णय
- 33.88 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण
- जनजातीय विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को पहचान दिलाना
🏹 राजा भभूत सिंह: पचमढ़ी के गौरव और संघर्ष का प्रतीक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में कहा,
“राजा भभूत सिंह ने तात्या टोपे के आह्वान पर सतपुड़ा की वादियों में आजादी की मशाल जलाई।”
1858 में राजा भभूत सिंह ने नर्मदा नदी पार कर सांडिया के पास तात्या टोपे के साथ योजना बनाई और अंग्रेजों के खिलाफ गोरिल्ला युद्ध छेड़ा। उनका जनजातीय समाज पर प्रभाव इतना था कि उन्होंने हजारों लोगों को आजादी की लड़ाई में शामिल किया।
👉 भभूत सिंह और तात्या टोपे के इतिहास के बारे में अधिक जानकारी
🏗️ विकास कार्यों का ऐलान: 33.88 करोड़ की सौगात
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन एवं अन्य विभागों से जुड़े ₹33.88 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इन कार्यों में शामिल हैं:
- सड़कों और पर्यटन स्थलों का उन्नयन
- नई रोशनी और सुविधा केंद्रों की स्थापना
- पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता योजनाएं
🧑💼 मंत्रीगणों की उपस्थिति और तैयारियाँ
बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, मंत्री गोविंद राजपूत, और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह समेत कई मंत्री रात में ही पचमढ़ी पहुंच गए। राकेश सिंह ने व्यवस्थाओं का दोपहर में ही जायजा लिया और सुनिश्चित किया कि बैठक सुचारू रूप से हो।
🌄 पचमढ़ी: प्रकृति, तीर्थ और रणनीति का संगम
- धूपगढ़ चोटी, समुद्र तल से 1350 मीटर ऊंची, से दिखाई देता मंत्रमुग्ध कर देने वाला सूर्योदय और सूर्यास्त
- पचमढ़ी, भगवान भोलेनाथ की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है
- यह स्थल गोंड साम्राज्य की रणनीतिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रमाण है
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🏛️ पूर्व की कैबिनेट बैठकों की परंपरा
पचमढ़ी में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी कैबिनेट बैठकें और बीजेपी चिंतन शिविर आयोजित हो चुके हैं। यह दर्शाता है कि यह स्थल न केवल पर्यटन बल्कि नीति निर्धारण का भी केंद्र बनता जा रहा है।
🏞️ भविष्य की योजनाएँ: पर्यटन नक्शे पर पचमढ़ी को नई पहचान
राज्य सरकार का उद्देश्य पचमढ़ी को केवल एक हिल स्टेशन के रूप में नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से भी स्थापित करना है। इस दिशा में कैबिनेट बैठक एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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