
भोपाल में कुख्यात बदमाश नसीम बन्ने खां ने अपने गैंग के साथ मिलकर फायरिंग की, जिसमें अमित वर्मा की सरेराह हत्या हो गई। पढ़िए पूरी घटना की डिटेल रिपोर्ट।
घटना का विस्तार
भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र स्थित लीलाधर कॉलोनी में शनिवार देर रात खौफनाक वारदात हुई। कुख्यात बदमाश नसीम बन्ने खां अपने करीब आधा दर्जन साथियों के साथ अमित वर्मा नामक युवक को सरेराह गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के समय अमित अपने दोस्त आशू खटीक के घर पर बर्थडे पार्टी में शामिल था। पार्टी के बाद सभी लोग घर के बाहर खड़े होकर बात कर रहे थे, तभी बाइक पर सवार नसीम और उसके साथी वहां पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

गवाहों के मुताबिक करीब 6 राउंड फायरिंग हुई जिसमें दो गोलियां अमित के सिर और पेट में लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले के बाद आरोपी पिस्टल लहराते हुए फरार हो गए। वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
बदमाशों का इरादा और निशाना
पुलिस जांच में सामने आया कि नसीम बन्ने खां और उसके गैंग का असली निशाना राजा खटीक था, जो अमित के साथ खड़ा था। राजा खटीक के साथ नसीम का पुराना लेन-देन का विवाद था और इसी रंजिश में उसकी हत्या की साजिश रची गई थी। हालांकि गोलियां निर्दोष अमित को लग गईं और उसकी जान चली गई।
भाई का बयान
मृतक के भाई अतुल वर्मा ने बताया कि अमित का नसीम से कोई पुराना झगड़ा या रंजिश नहीं थी। वह सिर्फ दोस्त के बर्थडे में शामिल होने गया था। लेकिन बदमाशों की फायरिंग में उसकी जान चली गई।
नसीम की पुरानी करतूतें
नसीम बन्ने खां का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है। मूल रूप से शाजापुर जिले का रहने वाला यह बदमाश लंबे समय से भोपाल में सक्रिय है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और रंगदारी जैसे 46 से अधिक गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। 3 दिसंबर 2023 को भी उसने बुधवारा इलाके में एक टेंट कारोबारी नवाज रियाज पर गोलियां बरसाई थीं और उसके साथियों ने तलवार से हमला किया था।
इतना ही नहीं, कारोबारी पर हमले से पहले नसीम ने स्वयं को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए 10 लाख की रंगदारी मांगी थी, और रकम नहीं देने पर तय समय पर फायरिंग कर दी थी। बाद में उसे पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार किया था जिसमें नसीम के पैर में गोली लगी थी।

नसीम सोशल मीडिया पर भी लगातार अपनी दबंगई दिखाता रहता था और फरारी के दौरान हथियारों के साथ फोटो-वीडियो डालकर पुलिस को चुनौती देता रहा। पुलिस के मुताबिक दो साल पहले तक उस पर सीहोर पुलिस ने 30 हजार और भोपाल पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद छोला मंदिर पुलिस ने आरोपी नसीम और वसीम समेत अन्य साथियों के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। टीआई सुरेश चंद्र नागर के मुताबिक नसीम पहले भी कई वारदातों में शामिल रह चुका है और गैंगवार में निर्दोष लोगों की जान लेना उसकी आदत बन चुकी है।
भोपाल में हुए इस ताजा शूटआउट से एक बार फिर यह सवाल खड़ा हुआ है कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो जाते हैं कि वे सरेराह गोलियां चलाकर लोगों की हत्या करने में भी नहीं डरते। पुलिस को नसीम जैसे बदमाशों पर लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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