
इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में मासिक सफाई अभियान में 200 से ज्यादा भक्त शामिल हुए, महिलाओं की भी अहम भागीदारी रही। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
विषय सूची
- अभियान की शुरुआत
- भक्तों का सहयोग और भागीदारी
- महिलाओं की भागीदारी
- सफाई की व्यवस्था और प्रक्रिया
- भजन और भोग का आयोजन
अभियान की शुरुआत
इंदौर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर में हर महीने की तरह रविवार को मासिक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान की शुरुआत वर्षों पहले मंदिर समिति और भक्त मंडल के प्रयासों से हुई थी। मंदिर प्रशासन का मानना है कि मंदिर परिसर की स्वच्छता भगवान की सेवा का ही एक भाग है और इसी सोच को लेकर भक्तगण हर महीने स्वेच्छा से यहां जुटते हैं।
भक्तों का सहयोग और भागीदारी
रविवार को आयोजित इस सफाई अभियान में करीब 200 से ज्यादा भक्तों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। भक्त मंडल के सदस्य झाड़ू, पोछा, पानी और सफाई सामग्री लेकर पूरे मंदिर परिसर में सफाई करते नजर आए। मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास ने बताया कि यह परंपरा पिछले कई वर्षों से निभाई जा रही है और भक्तों का उत्साह हर महीने पहले से ज्यादा देखने को मिलता है।

भक्त मंडल की विशेष भूमिका
रणजीत हनुमान भक्त मंडल के सदस्यों ने आयोजन को व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने साफ-सफाई के लिए समूह बनाए और मंदिर के प्रत्येक हिस्से की जिम्मेदारी अलग-अलग समूहों को सौंपी, जिससे काम जल्दी और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सका।
महिलाओं की भागीदारी
इस अभियान में 120 से ज्यादा महिला भक्तों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। महिला भक्तों ने मंदिर के गर्भगृह, दीवारों, छत, पंखों और भगवान की प्रतिमाओं के आसपास की सफाई की। उनके समर्पण और सेवा भावना ने सभी को प्रभावित किया। पंडित दीपेश व्यास ने भी महिला शक्ति की इस भागीदारी की प्रशंसा की और कहा कि महिलाओं के सहयोग से सफाई व्यवस्था और भी बेहतर होती जा रही है।

सकारात्मक संदेश
महिलाओं ने न सिर्फ सफाई में योगदान दिया, बल्कि अन्य भक्तों को भी प्रेरित किया कि वे हर माह ऐसे अभियानों में हिस्सा लें और मंदिर को स्वच्छ बनाकर पुण्य कमाएं।
सफाई की व्यवस्था और प्रक्रिया
पूरे मंदिर में झाड़ू लगाकर फर्श को चमकाया गया, दीवारों को साफ किया गया, साथ ही लाइट, पंखे और खिड़कियों की भी सफाई की गई। भगवान के भोग पात्र, दीपक, पूजन सामग्री रखने के स्थान और आस-पास की जगहों को भी धोकर स्वच्छ किया गया। भक्त मंडल ने एक टीम बनाकर कचरा निस्तारण की जिम्मेदारी भी निभाई, ताकि किसी प्रकार की गंदगी परिसर में न फैले।
समूह आधारित कार्य
इस अभियान में समूह बनाकर काम किया गया जिससे समय की भी बचत हुई और हर भक्त को सेवा का अवसर मिला। सफाई के लिए लाए गए उपकरणों का भी उचित प्रबंधन किया गया।
भजन और भोग का आयोजन
सफाई अभियान के बाद मंदिर में महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन किया गया, जिससे भक्तों का मन प्रभु भक्ति में रम गया। इसके साथ ही बाबा रणजीत को भोग अर्पित किया गया और सभी भक्तों के लिए प्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था की गई। यह आयोजन भक्तों के लिए न सिर्फ सेवा का, बल्कि आपसी मेल-जोल और भक्ति का भी एक अवसर बन गया।
मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास ने कहा कि इस तरह के स्वच्छता अभियानों से मंदिर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बना रहता है। भक्तगण भी हर महीने इसमें हिस्सा लेकर पुण्य प्राप्त करते हैं। उन्होंने सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया और आने वाले महीनों में और ज्यादा सहभागिता की उम्मीद जताई।
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