
रतलाम पंचायत सचिव निलंबन
रतलाम, मध्य प्रदेश: रतलाम जिले में विकास कार्यों में लापरवाही बरतने और विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने पर दो ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला पंचायत के सीईओ श्रृंगार श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई है। यह मामला अब “रतलाम पंचायत सचिव निलंबन” के रूप में चर्चित हो गया है।
अधूरे काम और नोटिस का कोई जवाब नहीं
जानकारी के अनुसार, सैलाना जनपद की ग्राम पंचायत सलवानिया और खाखराकुंडी नयापाड़ा में वर्ष 2018 में सीसी रोड निर्माण कार्य स्वीकृत हुए थे, लेकिन इन कार्यों को समय पर पूरा नहीं किया गया। इसके बावजूद सचिवों द्वारा सरकारी राशि का आहरण कर लिया गया। जब जवाब मांगा गया, तो दोनों अधिकारियों ने न तो कोर्ट में पेशी दी और न ही कोई लिखित जवाब भेजा।
वसूली नोटिस के बावजूद कार्रवाई से बचते रहे
- कोदर सिंह कटारा, ग्राम पंचायत सलवानिया के तत्कालीन सचिव को 3 लाख रुपये की वसूली नोटिस दी गई थी।
- वहीं राजेंद्र सिंह उर्फ राजकुमार मेईडा, ग्राम पंचायत नारायणगढ़ के सचिव को 10 लाख रुपये की वसूली नोटिस भेजी गई थी।
इन दोनों ही मामलों में लगातार नोटिस की अनदेखी और विकास कार्यों को अधूरा छोड़ने पर सख्त कार्रवाई की गई।
तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश
रतलाम पंचायत सचिव निलंबन की यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 की धारा 4(1)(क) के तहत की गई है। दोनों सचिवों पर अपने पदीय दायित्वों में घोर लापरवाही बरतने का आरोप है।
प्रशासनिक सख्ती का असर
इस रतलाम पंचायत सचिव निलंबन से जिले के अन्य पंचायत सचिवों के बीच सख्ती का संदेश गया है। शासन की मंशा साफ है कि अब किसी भी विकास कार्य में लापरवाही या प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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