
अमेरिका ने भारत की 6 कंपनियों पर ईरान से प्रतिबंधित पेट्रोकेमिकल्स खरीदने का आरोप लगाकर बैन लगा दिया है। इन कंपनियों पर करोड़ों डॉलर के कारोबार का आरोप है, जिससे ईरान ने आतंकी संगठनों को फंडिंग की।
- अमेरिका ने क्यों लगाया बैन?
- किन 6 भारतीय कंपनियों पर बैन लगा?
- ईरान पर क्या आरोप हैं?
- इस बैन का असर क्या होगा?
- फरवरी में भी हुई थी कार्रवाई
- ट्रंप के भारत विरोधी बयानों की गूंज
अमेरिका ने क्यों लगाया बैन?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि भारत, चीन, UAE, तुर्किये और रूस समेत 24 कंपनियों ने ईरान से अवैध रूप से पेट्रोकेमिकल और रसायन मंगवाए। इनमें 6 भारतीय कंपनियां शामिल हैं। अमेरिका का दावा है कि इन कंपनियों ने 2024 में ईरान से 1000 करोड़ रुपए से अधिक के उत्पाद मंगवाए, जिससे ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम और आतंकी गतिविधियों को फंड किया।
किन 6 भारतीय कंपनियों पर बैन लगा?
- Alchemical Solutions Pvt. Ltd.: 700 करोड़ रुपए से अधिक का ईरानी उत्पाद मंगाया।
- Global Industrial Chemicals Ltd.: 425 करोड़ से अधिक का मेथनॉल सहित अन्य उत्पाद खरीदे।
- Jupiter Dye Chem Pvt. Ltd.: टॉल्यून सहित करीब 49 मिलियन डॉलर का आयात।
- Ramaniklal S. Gosalia & Co.: 22 मिलियन डॉलर के पेट्रोकेमिकल्स खरीदे।
- Persistent Petrochem Pvt. Ltd.: 14 मिलियन डॉलर का मेथनॉल आयात किया।
- Kanchan Polymers: 1.3 मिलियन डॉलर के पॉलीइथिलीन उत्पाद खरीदे।
ईरान पर क्या आरोप हैं?

ईरान पर 2018 से अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ईरान तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री से मिली आमदनी का उपयोग मध्य-पूर्व में अस्थिरता फैलाने और आतंकी संगठनों को सपोर्ट करने में कर रहा है। यह कार्रवाई अमेरिका की “मेक्सिमम प्रेशर” नीति का हिस्सा है।
इस बैन का असर क्या होगा?

इन कंपनियों की अमेरिका में मौजूद संपत्तियों और अमेरिकी कंपनियों से व्यापार को तुरंत फ्रीज कर दिया गया है। साथ ही, अगर इनका किसी अन्य कंपनी में 50% से ज्यादा हिस्सा है तो वह भी बैन के दायरे में आएगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से प्रतिबंध हटाने की अर्जी दी जा सकती है, लेकिन तब तक सभी प्रकार का व्यापार बंद रहेगा।
फरवरी में भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले फरवरी 2025 में अमेरिका ने 4 भारतीय कंपनियों पर भी बैन लगाया था, जो ईरानी ऑयल ट्रांसपोर्ट में शामिल थीं:
- Flux Maritime LLP (नवी मुंबई)
- BSM Marine LLP (दिल्ली-NCR)
- Austinship Management Pvt. Ltd. (दिल्ली-NCR)
- Cosmos Lines Inc. (तंजावुर)
इन कंपनियों को ईरानी तेल को अवैध शिपिंग नेटवर्क से ट्रांसपोर्ट करने में मदद करने का दोषी बताया गया था।
ट्रंप के भारत विरोधी बयानों की गूंज
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने BRICS को लेकर भी भारत पर निशाना साधा है। उन्होंने BRICS को अमेरिका विरोधी देशों का समूह बताया और कहा कि भारत इसकी सदस्यता के कारण 25% टैरिफ का पात्र है।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अब उन देशों पर सख्त एक्शन लेगा जो उसके खिलाफ गठबंधन बना रहे हैं और ईरान जैसे देशों का साथ दे रहे हैं।
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