
उज्जैन: महाकाल मंदिर परिसर के 500 मीटर दायरे में निवासरत लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। 5 सालों से जिस अनुमति का इंतजार था, आखिरकार नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने वैध निर्माण की अनुमति प्रदान कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश से लगा था प्रतिबंध
साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने महाकाल मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसी के चलते तत्कालीन निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने 500 मीटर दायरे में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी थी।
हालांकि, पिछले 5 वर्षों में इस क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण तो होते रहे, लेकिन वैध निर्माण के लिए आवेदकों को अनुमति नहीं मिली। कई मकान इतने जर्जर हो चुके थे कि गिरने की स्थिति में पहुंच गए थे।

नए आदेश के बाद क्या बदलेगा?
अब नए आदेश के अनुसार, कोई भी रहवासी नगर निगम से विधिवत अनुमति लेकर मकान निर्माण कर सकता है। बिना अनुमति निर्माण करने पर निगम कार्रवाई करेगा।
रहवासियों ने क्या कहा?
- राकेश पाठक: “1980 में बना मेरा मकान काफी जर्जर हो चुका है। मैं दो साल से अनुमति के लिए प्रयास कर रहा था।”
- विशाल शर्मा: “घर गिरने की कगार पर है, डेढ़ साल से नक्शा पास करवाने के लिए निगम के चक्कर काट रहा हूं।”
- संजय शाह: “एक तिहाई मकान पहले ही गिर चुका है, अब जाकर उम्मीद जगी है।”
किन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा?
महाकाल मार्ग, जवाहर मार्ग, जयसिंहपुरा, तकिया मस्जिद, नूतन स्कूल सहित अन्य क्षेत्रों के निवासी अब नक्शा पास करवा कर नया निर्माण कर सकते हैं।
अवैध निर्माण अब भी चुनौती
वहीं दूसरी ओर, क्षेत्र में अभी भी कई होटल और दुकानों का अवैध निर्माण जारी है। नगर निगम ने कहा है कि अस्थायी अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने की प्रक्रिया भी साथ-साथ जारी रहेगी।
वर्षों से लंबित अनुमति अब मिलने से स्थानीय रहवासियों को राहत मिलेगी। साथ ही, नगर निगम का प्रयास है कि वैध निर्माण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो और अवैध निर्माण पर सख्ती बनी रहे।
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