
“रतलाम में जनसुनवाई में नए आपराधिक कानूनों की जानकारी भी दी जाएगी” विषय के तहत SP कार्यालय में हर मंगलवार शिकायतकर्ताओं को भारतीय न्याय संहिता, साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानूनों की जानकारी दी जाएगी और E-FIR समेत ज़ीरो FIR की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी। पुलिस अधिकारी जागरूकता फैलाने के लिए इसे डिजिटल युग का अहम कदम मान रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें
मुख्य बिंदु:
- जनसुनवाई में बदलाव
- अधिकारियों की ट्रेनिंग
- E-FIR की सुविधा
- नए कानून के मुख्य प्रावधान
- जन-जागरूकता का उद्देश्य
जनसुनवाई में बदलाव
रतलाम एसपी कार्यालय में हर मंगलवार होने वाली जनसुनवाई अब पहले से अधिक प्रभावी और जागरूकता मूलक होगी। 1 जुलाई 2025 से एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत शिकायतकर्ताओं को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जैसे नए आपराधिक कानूनों की महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम लोग अपने अधिकारों और पुलिस प्रक्रिया को सही तरीके से समझ सकें।
अधिकारियों की ट्रेनिंग

मंगलवार को हुई जनसुनवाई के दौरान रतलाम एसपी अमित कुमार ने स्वयं पुलिस अधिकारियों से इन नए कानूनों के अहम बिंदुओं पर सवाल-जवाब किए और उनकी क्लास ली। एसपी ने अधिकारियों से उम्मीद जताई कि वे इन प्रावधानों को गंभीरता से समझें और शिकायतकर्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
एएसपी राकेश खाखा ने भी इस जनसुनवाई में सक्रिय भूमिका निभाई और वहां उपस्थित लोगों को नए प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में कानूनों की जानकारी हर नागरिक तक पहुँचना बेहद जरूरी है।
E-FIR की सुविधा
कार्यक्रम में एएसपी ने बताया कि अब आमजन एमपी पुलिस सिटीजन पोर्टल, MP COP App, या MP Police की वेबसाइट के माध्यम से अपने मोबाइल से ही E-FIR दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद पुलिस द्वारा परीक्षण कर उसे दर्ज किया जाएगा। इस तकनीकी सुविधा के ज़रिए लोगों को बार-बार थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

नए कानून के मुख्य प्रावधान
- किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकती है, जिसे ज़ीरो नंबर पर दर्ज कर संबंधित थाने में भेजा जाएगा।
- 15 साल से कम और 60 साल से अधिक आयु वालों की गिरफ्तारी से पहले अनुमति लेना आवश्यक होगा।
- 7 वर्ष से कम सजा वाले अपराध में तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं रहेगा।
- साइबर क्राइम और मोबाइल चोरी की रिपोर्टिंग के लिए NCRP पोर्टल और CEIR प्रणाली का उपयोग अनिवार्य होगा।
जन-जागरूकता का उद्देश्य
रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नए कानूनों की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति अपने कानूनी अधिकारों से अनभिज्ञ न रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस और नागरिक, दोनों के बीच विश्वास बढ़ाने में यह पहल सहायक होगी। एएसपी राकेश खाखा ने इसे न्याय व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि जितनी अधिक जानकारी आमजन के पास होगी, उतना ही अपराध रोकने में सहयोग मिलेगा।
कुल मिलाकर, रतलाम पुलिस की यह नई व्यवस्था न केवल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल बनाएगी, बल्कि लोगों को भारतीय न्याय संहिता और साक्ष्य कानून की मूल बातें भी समझाएगी। हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में इस नवाचार से पुलिस और समाज के बीच विश्वास की नींव और मजबूत होगी।
👉 रतलाम पुलिस से जुड़ी और खबरें यहां पढ़ें
👉 एमपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट
📢 हमारे अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़ें:
📞 खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
9977238238, 9977290137




