
साहिल शेख पर युवती को धमकाने का आरोप
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार साहिल शेख उज्जैन के पल्या रोड क्षेत्र का रहने वाला है। आरोपी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए एक युवती से दोस्ती की और बातचीत बंद होने पर युवती को धमकी देकर होटल में बुलाया। युवती के मुताबिक आरोपी ने आत्महत्या करने की धमकी देकर उसे होटल आने के लिए मजबूर किया।
होटल पहुंचने पर साहिल ने युवती को गलत काम के लिए बाध्य करने का प्रयास किया। घटना के दौरान साहिल की हरकतों से युवती घबरा गई और शोर मचाने लगी, तभी हिंदू संगठनों को इस घटना की जानकारी लगी और वे मौके पर पहुंचे।
हिंदू संगठनों का विरोध और होटल में तोड़फोड़
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता 6–7 की संख्या में होटल पहुंचे और कई कमरों की तलाशी ली। जैसे ही साहिल और युवती एक कमरे में मिले, कार्यकर्ताओं ने साहिल को पकड़कर लात-घूंसों और बेल्ट से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने होटल के फर्नीचर और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया।

होटल कर्मचारी डरकर मौके से भाग खड़े हुए। होटल में तोड़फोड़ के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
पुलिस ने संभाली स्थिति, आरोपी पर मामला दर्ज
पुलिस बल के मौके पर पहुंचते ही स्थिति पर काबू पाया गया। थाना प्रभारी धन सिंह नलवाया और एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर साहिल शेख के खिलाफ धारा 64(2)(जे), 64(2)(एम), 351(2), 49 के तहत केस दर्ज किया।

साहिल ने माफी मांगी, पर बच नहीं पाया
घटना के दौरान साहिल ने हाथ जोड़कर माफी मांगी और दोबारा ऐसी गलती न करने की बात कही, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उसकी एक न सुनी। पिटाई के बाद साहिल को पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है।
इस मामले से जुड़ा एक और उदाहरण हाल ही में उज्जैन में सामने आया था, जब लव जिहाद के शक में तीन युवकों की भी पिटाई की गई थी। यहां पढ़ें।
सोशल मीडिया और प्रेमजाल के खतरे
पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद इस तरह के शोषण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को सतर्क रहने और युवाओं को सावधान करने की जरूरत है। उज्जैन पुलिस ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत 100 नंबर पर सूचना दें।
घटना ने शहर में चर्चा और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। सामाजिक संगठनों की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें कड़ी सजा की मांग की जा रही है।
समाचार की पुष्टि उज्जैन पुलिस अधिकारियों से की गई है, जिनके अनुसार मामले की विस्तृत जांच चल रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला उज्जैन में बढ़ते सोशल मीडिया शोषण और धार्मिक संगठनों की सतर्कता का उदाहरण बनकर सामने आया है। पुलिस की सख्ती और सामाजिक दबाव के चलते ऐसे मामलों में तेजी से एक्शन लिया जाना बेहद जरूरी है, ताकि कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में न ले और न ही मासूम लड़कियों का शोषण कर सके।
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