
Jabalpur Acid Attack: जबलपुर में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने अपनी सहेली की सुंदरता और करियर में सफलता से जलकर तेजाब फेंककर हमला कर दिया। यह मामला समाज में महिलाओं की प्रतिद्वंद्विता और मानसिक तनाव की खतरनाक तस्वीर पेश करता है। घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया और सवाल खड़े कर दिए कि आखिर ऐसी मानसिकता क्यों पनप रही है?

Jabalpur Acid Attack का दर्दनाक घटनाक्रम
जबलपुर के ग्वारीघाट इलाके में रहने वाली 21 वर्षीय इशिता साहू ने अपनी बचपन की सहेली श्रद्धा दास (22) को घर बुलाया और उस पर तेजाब फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इशिता को अपनी सहेली की सुंदरता और करियर में मिली कामयाबी से गहरा जलन थी। श्रद्धा दास को पश्चिम बंगाल की एक नामी कंपनी में नौकरी का प्रस्ताव मिला था, जिसे लेकर इशिता बेहद असुरक्षित महसूस कर रही थी।

बचपन की दोस्ती से दुश्मनी तक का सफर
जानकारी के अनुसार श्रद्धा और इशिता पहले गहरे दोस्त थे। दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ती थीं, पर 10वीं तक दोनों की दोस्ती मजबूत थी। लेकिन पांच साल पहले इशिता का एक निजी वीडियो लीक होने की घटना ने उसके जीवन को बदल दिया। इशिता को शक था कि उस वीडियो के वायरल होने में श्रद्धा की भूमिका है। तभी से उसने दिल में बदला लेने की ठान ली थी।
Jabalpur Acid Attack में कैसे हुई साजिश
Jabalpur Acid Attack की योजना इशिता ने महीनों पहले से बनाई थी। उसने इंटरनेट के जरिए तेजाब कैसे खरीदा जाए, यह जानकारी निकाली और एक कॉलेज का फर्जी लेटरहेड बनवाया। आरोपी ने अपने दोस्त अंश शर्मा को फर्जी प्रोफेसर बनाकर दुकानदार से बात करवाई, ताकि तेजाब आसानी से मिल सके। 26 जून को उसने 300 एमएल तेजाब खरीद लिया और वारदात को अंजाम देने की तैयारी में जुट गई।
आखिरी मुलाकात के बहाने बुलाया
29 जून की रात इशिता ने श्रद्धा को कॉल किया और कहा कि वह पश्चिम बंगाल जॉब पर जाने से पहले एक बार मिलना चाहती है। श्रद्धा को शक नहीं हुआ और वह घर के बाहर आई। तभी इशिता ने गेट पर पहुंचकर तेजाब फेंक दिया, जिससे श्रद्धा 50% तक झुलस गई। इस दौरान श्रद्धा की मां भी मौजूद थीं, जिन्होंने तुरंत पानी डालकर उसकी जान बचाई।
Jabalpur Acid Attack के बाद पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही ग्वारीघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी इशिता को गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस से बेहिचक कहा – “वो जिंदा है क्या? मर जाएगी तो मुझे फांसी हो जाएगी?” पुलिस के मुताबिक आरोपी युवती के मन में कोई पछतावा नहीं है, बल्कि वह ठंडे दिमाग से पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम देना चाहती थी।
फिलहाल श्रद्धा का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर है। दूसरी ओर पुलिस ने अंश शर्मा की तलाश भी शुरू कर दी है, जिसने फर्जी प्रोफेसर बनकर दुकानदार को गुमराह किया था।
तेजाब बिक्री पर सवाल
इस Jabalpur Acid Attack ने एक बार फिर तेजाब बिक्री पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुकानदारों को सख्ती से जांच करनी चाहिए कि तेजाब क्यों और किसे बेचा जा रहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि भारत में हर साल सैकड़ों महिलाएं तेजाब हमले का शिकार होती हैं। NCRB पर देखें
समाज में जागरूकता की जरूरत
Jabalpur Acid Attack जैसे मामलों से बचने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। स्कूल और कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए ताकि युवा गुस्से और जलन जैसे भावनाओं को सही दिशा दे सकें।
कानून सख्ती से लागू हो
भारत में तेजाब हमलों के खिलाफ सख्त कानून हैं, लेकिन इनका सख्ती से पालन हो यह भी जरूरी है। दोषियों को जल्द सजा मिले, तभी ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। पुलिस और प्रशासन को भी तेजाब बिक्री के मामलों में समय-समय पर जांच करनी चाहिए।
जबलपुर में हुए इस Jabalpur Acid Attack ने समाज को आईना दिखाया है। रिश्तों में पनपती ईर्ष्या और असुरक्षा किस हद तक खतरनाक हो सकती है, इसका उदाहरण इशिता साहू का यह कृत्य है। उम्मीद की जानी चाहिए कि श्रद्धा जल्द स्वस्थ होकर फिर से अपने सपनों को पूरा करेगी, और कानून उसे पूरा न्याय देगा।
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