
रतलाम, 25 जुलाई 2025: मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग के अधिकारी वर्ग (VAS/AVFO) एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने विभाग द्वारा लागू किए गए ‘सार्थक ऐप’ के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की बाध्यता के खिलाफ सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध केवल रतलाम जिले तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेशभर के विभिन्न जिलों के कर्मचारी संगठनों द्वारा एक साथ ज्ञापन सौंपे गए।

क्या है सार्थक ऐप और क्यों है इसका विरोध?
‘सार्थक ऐप’ को पशुपालन विभाग में कर्मचारियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने हेतु लाया गया है। लेकिन इस ऐप के उपयोग से जुड़े कई व्यवहारिक, तकनीकी और क्षेत्रीय समस्याएं कर्मचारियों के लिए भारी पड़ रही हैं।
मुख्य आपत्तियां:
- ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की भारी कमी होने से उपस्थिति दर्ज कर पाना असंभव हो रहा है।
- मूलभूत संसाधनों जैसे स्मार्टफोन, इंटरनेट डाटा, बिजली की कमी एवं तकनीकी जागरूकता का अभाव।
- चिकित्सकों और कर्मचारियों की ड्यूटी का स्वरूप 24×7 है, जिसमें आपातकालीन सेवाएं कभी भी बुला सकती हैं। ऐसी स्थिति में केवल एक स्थान से उपस्थिति दर्ज करवाना व्यवहारिक नहीं।
- कई कर्मचारी बिना ट्रांसपोर्ट सुविधा के दूरस्थ स्थानों तक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिससे फिजिकल प्रेजेंस ऐप के माध्यम से रिपोर्ट करना संभव नहीं होता।
- सार्वजनिक सेवाओं में कार्यरत इन कर्मचारियों का कार्य क्षेत्र बहुत विस्तृत होता है, इसलिए GPS आधारित ऐप उन्हें बांधता है और सेवा प्रभाविता में बाधा उत्पन्न करता है।




ज्ञापन में प्रमुख बातें
जिला रतलाम के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी ज्ञापन सौंपे गए, जिनमें प्रमुख रूप से निम्न बिंदु उठाए गए:
- VAS/AVFO और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जिनकी सेवाएं 24×7 चलती हैं, उनके लिए ‘सार्थक ऐप’ की उपस्थिति प्रणाली अव्यवहारिक है।
- ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की मजबूरी ने कर्मचारियों पर मानसिक दबाव और तकनीकी जटिलता उत्पन्न कर दी है।
- अन्य विभागों में ऐसी प्रणाली अनिवार्य नहीं है, केवल पशुपालन विभाग पर ऐसा दबाव डालना अनुचित है।
- सार्वजनिक सेवाओं में लगे इन कर्मचारियों को अलग दृष्टिकोण से समझना आवश्यक है।
प्रतिनिधि संगठनों की भूमिका
प्राप्त ज्ञापन से यह स्पष्ट होता है कि आंदोलन का नेतृत्व मध्यप्रदेश लघुवेतन कर्मचारी संघ, प्रांतीय राजपत्रित पशु चिकित्सा संघ और अन्य संयुक्त संगठन कर रहे हैं। ज्ञापन में प्रमुख पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर यह स्पष्ट किया कि:
हम सभी कर्मचारीगण सार्थक ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने का पूर्णतः विरोध करते हैं एवं विभाग से इसे तत्काल निरस्त करने की मांग करते हैं।
ज्ञापन से प्रमुख अंश (संक्षेप में)
- डॉक्टरों और पैरावेट स्टाफ को क्षेत्र भ्रमण में रहना पड़ता है, जिससे एक स्थान पर पहुंचकर ऐप से उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं।
- ब्लॉक, तहसील और गांव स्तर पर अधिकारियों की उपलब्धता एकसमान नहीं है, जिससे ऐप के संचालन में असमानता उत्पन्न होती है।
- पूर्व में भी ऐसी प्रणाली लागू करने पर व्यवहारिक समस्याएं आई थीं।
VAS/AVFO और चतुर्थ श्रेणी की सेवा प्रकृति का संदर्भ
मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग के VAS/AVFO और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सार्वजनिक सेवा की उपस्थिति क्षेत्रीय स्तर पर फैली हुई होती है, क्योंकि उनकी ड्यूटी प्रकृति 24×7 अनवरत सेवाओं वाली होती है। इस कारण, एक केंद्रीकृत ऐप के माध्यम से समयबद्ध उपस्थिति दर्ज करवाना व्यवहारिक नहीं है।
सरकार से अपेक्षा
ज्ञापन में यह मांग स्पष्ट रूप से दर्ज की गई है कि:
- सार्थक ऐप की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।
- पारंपरिक उपस्थिति रजिस्टर या वैकल्पिक प्रणाली की अनुमति दी जाए।
- मौजूदा सेवा संरचना को ध्यान में रखते हुए तकनीकी समाधानों को लागू किया जाए।
मध्यप्रदेश में VAS/AVFO और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा उठाई गई आवाज़ पशुपालन विभाग की जमीनी सच्चाइयों को उजागर करती है। 24×7 सेवाएं देने वाले कर्मचारियों पर GPS और ऐप आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करना न केवल व्यवहारिक रूप से कठिन है, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता पर भी विपरीत असर डाल सकता है। सरकार को चाहिए कि वह इन व्यावहारिक समस्याओं का समाधान संवाद और सहमति से करे।
मध्यप्रदेश समाचारMP Government Official Site
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