
चार्वी मेहता वर्ल्ड चेस सिल्वर जीतकर उज्जैन की बेटी ने न केवल शहर बल्कि देश का भी नाम रोशन किया है। गोवा में चल रही 24वीं इंडिविजुअल वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप में चार्वी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। प्रतियोगिता का आयोजन 22 से 30 जुलाई 2025 तक गोवा में किया गया था।

- गोवा में 22 से 30 जुलाई तक चला 24वां वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप
- ब्लिट्ज फॉर्मेट में चार्वी मेहता ने रजत पदक जीता
- व्हीलचेयर कैटेगरी में विश्व स्तर पर दूसरा स्थान
- लगातार तीसरे साल नेशनल पैरा चेस चैंपियन
- चार्वी मेहता वर्ल्ड चेस सिल्वर में भारत की इकलौती विजेता
तीन हार के बाद जोरदार वापसी
चार्वी की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि शुरुआती तीन मैचों में वह पिछड़ गई थीं। इसके बावजूद उन्होंने जुझारूपन दिखाते हुए वापसी की और चार्वी मेहता वर्ल्ड चेस सिल्वर प्रतियोगिता में व्हीलचेयर कैटेगरी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

उज्जयिनी शतरंज संघ के अध्यक्ष संदीप कुलश्रेष्ठ ने बताया कि चार्वी वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय उज्जैन की दसवीं कक्षा की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि चार्वी लगातार तीन वर्षों से नेशनल पैरा चेस चैंपियन रह चुकी हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रेरणा
चार्वी मेहता, अंतरराष्ट्रीय मल्लखंभ अंपायर और विक्रम व विश्वामित्र अवार्ड प्राप्त डॉ. आशीष मेहता की बेटी हैं। उनकी माता इंजीनियर तरुश्री मेहता भी उन्हें खेलों के लिए प्रेरित करती रही हैं। विक्रम अलंकरण प्राप्त परिवार से आने के कारण चार्वी को हमेशा खेल और मेहनत का वातावरण मिला।
ब्लिट्ज फॉर्मेट में जीत का सफर
चार्वी मेहता वर्ल्ड चेस सिल्वर चैंपियनशिप में ब्लिट्ज फॉर्मेट में हुआ मुकाबला त्वरित निर्णय और मानसिक सतर्कता की परीक्षा था। शुरुआती हार के बाद भी चार्वी ने अपने गेमप्लान में सुधार किया और लगातार जीत दर्ज की।
व्हीलचेयर कैटेगरी में भाग ले रही चार्वी को विभिन्न देशों की खिलाड़ियों से टक्कर मिली, लेकिन उनके आत्मविश्वास और रणनीति ने उन्हें रजत पदक दिलाया।
राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय सफर
चार्वी ने राष्ट्रीय स्तर पर पैरा चेस में अपना परचम लहराया था, लेकिन अखिल भारतीय शतरंज महासंघ ने उनकी प्रतिभा को देखकर उन्हें वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप के लिए चयनित किया।
प्रतियोगिता में भाग लेना और रजत पदक जीतना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
सम्मान और सराहना
चार्वी मेहता वर्ल्ड चेस सिल्वर की उपलब्धि पर उज्जयिनी शतरंज संघ, जिला प्रशासन, और अन्य खेल संगठनों ने हर्ष व्यक्त किया है। चार्वी को उज्जैन के लिए गौरव बताया जा रहा है।
संघ के अध्यक्ष ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ चार्वी की नहीं, बल्कि उज्जैन और समस्त मध्यप्रदेश की है।
क्या कहती है चार्वी?
चार्वी ने बताया कि शुरुआत में हार से निराशा जरूर हुई, लेकिन कोच और परिवार के समर्थन से उन्होंने अपने आत्मबल को नहीं टूटने दिया। उन्होंने भविष्य में गोल्ड मेडल जीतने की प्रतिबद्धता भी जताई।
शहर और राज्य को उम्मीदें
चार्वी की इस सफलता से उज्जैन और मध्यप्रदेश में पैरा स्पोर्ट्स को नया प्रोत्साहन मिलेगा। विशेष रूप से पैरा शतरंज के क्षेत्र में यह पदक युवाओं को प्रेरणा देगा।
चार्वी ने यह दिखा दिया है कि समर्पण, संघर्ष और समर्थन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
चार्वी की इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और उज्जैन को विश्व मानचित्र पर एक विशेष स्थान दिया है।
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