
ग्वालियर जिले के डबरा के सिली सिलेठा गांव में सिंध नदी की बाढ़ के बीच SDERF ने 250 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गुरुवार सुबह दोबारा रेस्क्यू शुरू होगा
ग्वालियर जिले में हो रही लगातार बारिश के चलते सिंध नदी उफान पर है। बुधवार रात डबरा क्षेत्र के सिली सिलेठा गांव में अचानक बाढ़ आने से हालात बिगड़ गए। प्रशासन को सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ (SDERF) की टीम मौके पर पहुंची और 250 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

बाढ़ की स्थिति: सिंध नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ा
डबरा क्षेत्र से बहने वाली सिंध नदी इन दिनों अपने उफान पर है। पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण हरसी, अटल सागर और मणिखेड़ा डैम का जलस्तर बढ़ चुका है। जब इन बांधों के गेट खोले गए तो सिंध नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ गया जिससे सिली सिलेठा गांव पानी से चारों तरफ से घिर गया।
कैसे मिला प्रशासन को पता?
स्थानीय पंचायत के सरपंच ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत प्रशासन को सूचना दी। प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए डबरा के एसडीएम दिव्यांशु चौधरी, पिछोर की तहसीलदार पूजा यादव, और SDERF के प्लाटून कमांडर सौरव भदोरिया को मौके पर भेजा।
रेस्क्यू अभियान: एक मिशन जैसे हालात

SDERF की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां पहले से ही गांव चारों ओर से पानी से घिरा हुआ था। रात का समय होने के बावजूद टीम ने तत्परता दिखाई और 250 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चूंकि अंधेरा हो गया था, इसलिए रेस्क्यू को रोक दिया गया। लेकिन गुरुवार सुबह फिर से अभियान शुरू होगा।
SDERF की रणनीति और तैयारियां
रेस्क्यू टीम ने बाढ़ से घिरे क्षेत्र का ड्रोन और नक्शे से मूल्यांकन किया। नावों और लाइफ जैकेट्स के साथ ग्रामीणों को निकाला गया। इसके अलावा प्राथमिक चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई थी।
SDM का बयान
डबरा SDM दिव्यांशु चौधरी ने कहा, “हमारी टीमें पूरी तरह से मुस्तैद हैं। जैसे ही सूचना मिली, हम तुरंत मौके पर पहुंचे और अभियान शुरू किया। 250 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित किया गया है।”
स्थानीय लोगों का डर और उम्मीद
ग्रामीणों ने बताया कि ऐसा जलस्तर कई वर्षों बाद देखा गया है। कुछ लोगों ने अपने मवेशियों को बचाने के प्रयास भी किए। SDERF की तत्परता से लोगों में राहत की भावना है।
स्थानीय प्रशासन की भविष्य की योजना
प्रशासन ने गांव के आसपास और नदी के किनारे गश्त बढ़ा दी है। साथ ही सभी बांधों की निगरानी के आदेश दिए गए हैं। अगले कुछ दिनों तक सिंध नदी का जलस्तर ऊंचा रह सकता है।
SDERF की तेज़ और साहसिक कार्रवाई ने 250 से अधिक लोगों की जान बचाई। बाढ़ जैसी आपदा के बीच प्रशासन की सक्रियता और ग्रामीणों का सहयोग एक मिसाल बन गया है।
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