
भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में हुई बैठक के दौरान कई अहम फैसले लिए। इनमें मऊगंज और पांढुर्णा में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालयों के लिए सरकारी भूमि आवंटित करने का निर्णय सबसे प्रमुख रहा। इसके अलावा, जबलपुर के रांझी तहसील में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) का 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाए जाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने की मंजूरी दी गई है।

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की, जिसमें कुल मिलाकर राज्यहित से जुड़े कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में यह भी तय किया गया कि मुरैना जिले में 600 मेगावाट क्षमता वाली सौर ऊर्जा एवं भंडारण परियोजना को भी गारंटी दी जाएगी ताकि ऊर्जा प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा सके।
बीजेपी कार्यालय के लिए मऊगंज और पांढुर्णा में जमीन
कैबिनेट की बैठक में राजस्व विभाग द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों के अंतर्गत मऊगंज जिला मुख्यालय के खसरा नंबर 29/12 में से 0.100 हेक्टेयर सरकारी भूमि और पांढुर्णा में निर्दिष्ट क्षेत्र में जमीन आवंटित करने की मंजूरी दी गई। यह निर्णय संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन कार्यालयों के निर्माण से क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को सुविधा मिलेगी और संगठन का जनसंपर्क और मजबूत होगा।
जबलपुर में ESIC का 100 बिस्तरों वाला अस्पताल
कैबिनेट ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) को 100 बिस्तर वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनाने हेतु जबलपुर जिले की रांझी तहसील के रिछाई गांव में 2.024 हेक्टेयर (करीब 5 एकड़) भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

यह अस्पताल सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे रांझी और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को विशेष लाभ मिलेगा।
600 मेगावाट बिजली परियोजना को गारंटी
कैबिनेट ने मुरैना जिले में 600 मेगावाट की सौर ऊर्जा सह ऊर्जा भंडारण परियोजना के लिए सरकार की ओर से गारंटी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा खरीदी जाने वाली बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
यह फैसला राज्य के सतत ऊर्जा विकास और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
शहरी अधोसंरचना विकास योजना को हरी झंडी
मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चौथे चरण को भी कैबिनेट द्वारा स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सशक्त किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, सहकारिता आयुक्त और पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल में पीएमयू सेल की स्थापना का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
पेंशन और पुलिसकर्मियों से जुड़े प्रस्ताव
बैठक में सात पुलिसकर्मियों और पेंशन से संबंधित मामलों पर भी विचार किया गया और उन्हें प्रस्ताव के अनुसार स्वीकृति दी गई।
इन सभी फैसलों से यह स्पष्ट है कि मोहन सरकार प्रदेश में न सिर्फ राजनीतिक, बल्कि स्वास्थ्य, ऊर्जा और अधोसंरचना क्षेत्रों में भी संतुलित विकास सुनिश्चित करने की दिशा में अग्रसर है।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम की आधिकारिक वेबसाइट
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