
रतलाम जिले के जावरा में पिछले वर्ष हुई 5 करोड़ से अधिक की बड़ी चोरी के मुख्य आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस आरोपी पर हत्या, लूट, डकैती और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों सहित 20 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस को इस आरोपी की लंबे समय से तलाश थी, और इसके सिर पर ₹10,000 का इनाम घोषित था।

चोरी का मामला दर्ज होने से शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जानकारी दी कि 16 सितंबर 2023 को प्रकाशचंद कोठारी नामक व्यापारी ने जावरा थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान से अज्ञात चोर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेत लगभग ₹5 करोड़ की संपत्ति चुरा ले गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने IPC की धारा 457 और 380 के तहत केस दर्ज किया और जांच शुरू की।
पहले हो चुके हैं चार आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इनमें गौरव रघुवंशी (24), गंगाराम उर्फ गंगु पारदी (30), देवेंद्र सोनी (59) और सागर सोनी (34) शामिल हैं। ये सभी गुना जिले के निवासी हैं। इनकी गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने 31 लाख रुपए से अधिक के चोरी के आभूषण और नकदी जब्त की थी।

मुख्य आरोपी पवन पारदी अहमदाबाद से गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल चोरी केस का मुख्य आरोपी पवन उर्फ भुवन पारदी (40) अहमदाबाद में छिपा हुआ था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सहायता से उसकी लोकेशन ट्रेस की और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया।
पूछताछ में किए बड़े खुलासे
जावरा सिटी थाना प्रभारी जितेंद्र जादौन ने बताया कि पूछताछ में पवन ने स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कुल 150 किलो चांदी और 1 किलो 50 ग्राम (लगभग 105 तोला) सोना चुराया था। वे इन आभूषणों को पांच बड़ी थैलियों में भरकर ले गए थे और बाद में आपस में बांट लिया था।
चोरी का सामान जमीन में दबा कर रखा था

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर के पीछे खुदाई करवाई, जहां जमीन में दबाकर रखे गए चोरी के जेवरात मिले। इनमें चांदी की बिछिया, पायजेब, कंदोरा, कड़े, चेन और हाथ की चूड़ियां शामिल थीं। कुल जब्त सामग्री का वजन लगभग 2 किलो 58 ग्राम था, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 25 हजार रुपए आंकी गई।
अन्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस अभी भी इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि उनके पास भी चोरी के हिस्से का बड़ा भाग हो सकता है। इसके लिए अलग-अलग जगहों पर दबिश दी जा रही है और तकनीकी सहायता के साथ साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
पारदी गैंग की बढ़ती सक्रियता
पुलिस सूत्रों के अनुसार पारदी गैंग मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में सक्रिय है। इनके अपराधों का तरीका बेहद संगठित होता है और ये अक्सर बड़े समूह में चोरी, डकैती और हत्या की वारदातों को अंजाम देते हैं। पवन पारदी जैसे अपराधियों की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि इस गैंग की कमर टूटेगी।
एसपी ने दी चेतावनी
एसपी अमित कुमार ने कहा कि जिले में संगठित अपराध को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की विशेष टीमें लगातार अपराधियों की निगरानी और गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
यह मामला केवल एक चोरी नहीं बल्कि संगठित अपराध के नेटवर्क को उजागर करता है। रतलाम पुलिस की सक्रियता और सटीक कार्रवाई के कारण एक बड़े अपराधी को पकड़ने में सफलता मिली है।
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