
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पाकिस्तान की मदद करने वाले देश तुर्की के खिलाफ भारत में बहिष्कार अभियान चल रहा है। यहां से आने वाले सामानों का देशभर में बहिष्कार किया जा रहा है।
इसका असर इंदौर में भी देखने को मिल रहा है। सबसे पहले यहां के ट्रैवल एजेंटों ने इस देश में आने वाले पर्यटकों की बुकिंग बंद कर दी। अब देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी के व्यापारियों ने तुर्की से आने वाले सेबों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
रॉयल गाला, रेड डिलीशियस और ग्रैनी स्मिथ फ्रेंड्स के सेब के डेकोर तुर्की से आए थे। भारतीय सेब की छुट्टी जनवरी-फरवरी में खत्म होने के बाद मार्च में शुरू होने वाली थी। यह लगातार चार महीने तक चलती थी
वर्तमान में, वाशिंगटन, चिली और दक्षिण अफ्रीका से आने वाले सेब 3,000 रुपये से 4,000 रुपये प्रति बॉक्स के बीच बिकते हैं। जब तक केंद्र सरकार कोई निर्णय नहीं ले लेती, बहिष्कार जारी रहेगा। भारत और तुर्की के बीच बहुत बड़ा व्यापार है।
यह सब मुंबई बंदरगाह पर निर्भर करता है। जब तक मुंबई बंदरगाह पर माल उतारने की अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक कुछ भी नहीं बेचा जाएगा। यह एक नीचे से ऊपर की श्रृंखला है।
2024 में मालदीव का बहिष्कार
उल्लेखनीय है कि 2024 में मालदीव के एक मंत्री ने भारत को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद देशवासियों ने मालदीव का बहिष्कार कर दिया। 2023 की उस तिमाही में 56,000 से अधिक भारतीयों ने मालदीव का दौरा किया। फिर जब बहिष्कार हुआ तो 2024 में सिर्फ 34,847 लोग ही पहुंचे। फिर मंत्री के माफी मांगने के बाद ही सुधार हुआ।
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