
राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार – आखिर कोटा में ही क्यों कर रहे हैं स्टूडेंट्स सुसाइड?
राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार – आखिर कोटा में ही क्यों कर रहे हैं स्टूडेंट्स सुसाइड?
कोटा में लगातार बढ़ते स्टूडेंट्स के सुसाइड केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने पूछा है कि आखिर बच्चे कोटा में ही जान क्यों दे रहे हैं और अब तक इसको रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
क्या है मामला
ये मामला उस वक्त और गंभीर हो गया जब 4 मई को दो अलग-अलग जगहों से सुसाइड की खबरें आईं। एक केस में 17 साल की लड़की ने NEET एग्जाम से कुछ घंटे पहले कोटा के एक हॉस्टल में खुदकुशी कर ली। उसी दिन IIT खड़गपुर का एक 22 साल का स्टूडेंट भी हॉस्टल में फांसी पर लटका मिला।
इन दोनों मामलों पर 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही संज्ञान लिया और राजस्थान सरकार से पूछा कि अब तक FIR क्यों नहीं दर्ज की गई? कोर्ट ने ये भी देखा कि क्या प्रशासन ने पहले दिए गए ‘अमित कुमार बनाम भारत संघ’ केस के आदेशों का पालन किया या नहीं।
13 मई को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने साफ कहा था कि IIT खड़गपुर और लोकल पुलिस के अफसरों को खुद कोर्ट में हाज़िर होकर जवाब देना होगा।
इस पूरे मामले पर सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच कर रही है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि मेंटल हेल्थ और सुसाइड प्रिवेंशन के लिए बनने वाली नेशनल टास्क फोर्स (NTF) के लिए दो दिन के अंदर 20 लाख रुपये जमा करवाएं।
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