
इंदौर रिपोर्ट – बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर में चार अलग-अलग वारदातों में बुजुर्ग और व्यापारियों को टारगेट किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर जानकारी के आधार पर पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।
- घटनाओं का परिचय
- पलासिया वारदात
- द्वारकापुरी वारदात
- बुजुर्ग महिलाओं की वारदातें
- पुलिस की जांच और तैयारी
- एडवाइजरी और सावधानियाँ
- अंतिम विचार
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि चार घटनाएं शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुईं, जिसमें बुजुर्गों और व्यापारियों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। पुलिस ने गंभीरता से मामले की समीक्षा की और एडवाइजरी भी जारी की है।

पलासिया वारदात: प्रकाशचंद्र जैन की आपबीती
पलासिया थाना क्षेत्र में सोना‑चांदी व्यापार से जुड़े प्रकाशचंद्र जैन ने बताया कि वे अक्सर प्रवचन सुनने तिलक नगर जाते हैं। एक दिन एक्टिवा से जा रहे थे कि बाइक सवार दो युवक उनसे रुके और लाइसेंस-चेकिंग का बहाना बनाया।
उन्होंने कहा: “अंगूठी उतारकर रुमाल में रख लो।” व्यापारी ने चार अंगूठियाँ रुमाल में रख दीं। एक व्यक्ति ने रुमाल अपने हाथ में लेते हुए बांधने का आदेश दिया, और रहस्यमयी बातचीत के बीच अंगूठियाँ निकालकर रुमाल व्यापारी की जेब में रख गया।
बाद में जब व्यापारी ने रुमाल खोला, तो अंगूठियाँ गायब थीं। उन्होंने तुरंत थाना जाकर शिकायत दर्ज करवाई।
द्वारकापुरी वारदात: एक तांत्रिक का बहाना
द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में टी कंपनी चलाने वाले अनुराग जैन से 17 जुलाई को वारदात हुई। एक व्यक्ति दुकान पर आया और पूजा‑तांत्रिक की बात कर जाने की बात कही। उसने दोनों हाथों की अंगूठियाँ उतरवा लीं, फिर एक पंचराई के गल्ले खोलवाकर उसमें रखवा दीं।
वह व्यक्ति दुकान बंद करवाकर चला गया और कुछ देर बाद बैक एक बाइक सवार युवक से मिला। बाद में जांच में पता चला कि गल्ला खोला गया लेकिन अंगूठियाँ और पैसों का कोई निशान नहीं था. अनुराग जैन ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
बुजुर्ग महिलाओं की दो अन्य घटनाएं
दो अलग‑अलग थाना क्षेत्रों में बुजुर्ग महिलाएं भी नकली पुलिसकर्मी बनकर वारदात का शिकार हुईं। बदमाशों ने पुलिस की नकल कर अंगूठियाँ और कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
पुलिस की जांच और तैयारी
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस को इन बदमाशों के बारे में सटीक जानकारी मिली है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी मूवमेंट, आवागमन और गाड़ियों की पहचान कर पुलिस टीम सक्रिय रूप से तलाश में जुटी है।
प्रत्येक थाने द्वारा अलग-अलग टीमों को रवाना किया गया है, जबकि क्राइम ब्रांच फिलहाल इसमें बिलकुल संलिप्त नहीं है। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है ताकि जल्द प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके।
एडवाइजरी और सावधानियाँ
इन घटनाओं के बाद **इंदौर पुलिस** ने बुजुर्गों तथा व्यापारियों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिस कभी भी जेवरात बैग में रखने की सलाह नहीं देती। यदि कोई ऐसा करने को बोले, तो तुरंत डायल 100 या थाने में सूचना दें। यह निरंतर सावधानी बनाए रखने की अपील शामिल है।
यह एडवाइजरी वृद्ध नागरिकों के लिए विशेष सहायता और मार्गदर्शन का कार्य कर रही है ताकि वे ऐसे धोखाधड़ी से बच सकें।
अंतिम विचार
**बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले** यह गिरोह बेहद चालाक तरीके से पहचाने बिना वारदात को अंजाम दे रहा है। पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन लोगों को सतर्क रहना ज़रूरी है। अगर आप या आपके परिचितों ने ऐसी कोई घटना देखी या अनुभव किया, तो तुरंत स्थानीय थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को खबर दें।
इंदौर पुलिस का यह कदम बड़ा स्वागत योग्य है, और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी संभव होगी। मानव सहायता एवं सतर्कता से ही वह सुरक्षित समाज बनाना संभव है।
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