
GMC मेन गेट भोपाल खुला: भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज का मेन गेट 7 माह बाद 16 जून को आम जनता के लिए खोला जाएगा। इससे मरीजों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और सुरक्षा भी बढ़ेगी।
भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) का मुख्य द्वार, जो कि रॉयल मार्केट की दिशा में स्थित है, 16 जून 2025 को आम जनता के लिए पुनः खोल दिया जाएगा। यह गेट बीते सात महीनों से बंद था और अब इसके खुलने से मरीजों एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस गेट के बंद होने के कारण मरीजों को फतेहगढ़ या इमरजेंसी गेट से होकर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा था, जिससे समय और संसाधन दोनों की बर्बादी हो रही थी।

गेट को 15 नवंबर 2024 को रिनोवेशन के लिए बंद किया गया था। तब कॉलेज प्रशासन ने दावा किया था कि इसे 3 महीने में चालू कर दिया जाएगा, लेकिन मरम्मत कार्य में सात महीने का समय लग गया। इस दौरान अस्पताल में मल्टीलेवल पार्किंग की उपयोगिता भी प्रभावित हुई, जिससे पूरा परिसर ही अव्यवस्थित पार्किंग स्थल में तब्दील हो गया।
सुरक्षा होगी और सख्त – एक्टिव होंगे बूम बैरियर
गेट के साथ ही अब बूम बैरियर भी पूरी तरह एक्टिव हो जाएंगे। ये बूम बैरियर रॉयल मार्केट गेट और फतेहगढ़ गेट पर लगाए गए हैं और इनके सक्रिय होने से कैंपस में आने वाले हर वाहन की जानकारी और उसकी फोटो सर्वर में रिकॉर्ड की जाएगी। इससे बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त होगी।
बाहरी लोगों का प्रवेश बना चिंता का विषय
GMC और हमीदिया अस्पताल कैंपस में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पहले से ही समस्या बना हुआ है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JUDA) ने पूर्व में प्रबंधन को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि कुछ लोग अस्पताल में भर्ती मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा भर्ती से पहले ही निजी इलाज का झांसा देकर सरकारी व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जाता है।
इमरजेंसी सेवाओं पर असर
गेट बंद होने के कारण अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं पर भी सीधा प्रभाव पड़ा। फायर ब्रिगेड जैसे बड़े वाहनों के लिए परिसर में आना-जाना कठिन हो गया था, जिससे किसी आपात स्थिति में समय पर सेवाएं मिलना मुश्किल हो सकता था। अब नए सिरे से प्रबंध किए जाने से ऐसे हालात में सुधार आने की संभावना है।
वर्तमान यातायात समस्या
फतेहगढ़ गेट वर्तमान में एकमात्र प्रवेश द्वार है। कलेक्ट्रेट से आने वाले मरीजों को कर्फ्यू वाली माता मंदिर, मोती मस्जिद और सदर मंजिल के रास्ते से आना पड़ता है। यह मार्ग लगभग 1.5 किलोमीटर लंबा है और पीक ऑवर्स में यहां पर 15,000 से अधिक वाहन एक घंटे में गुजरते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। मुख्य गेट खुलने से यह दबाव कम होगा।
निर्माण कार्य की स्थिति
PWD अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य लगभग पूरा हो चुका है। केवल सपोर्ट में लगे बांस-बल्लियों को हटाने और अंतिम निरीक्षण का काम बाकी है। इसे इसी सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।
GMC का मेन गेट खुलना न केवल सुविधाजनक है, बल्कि सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण की दृष्टि से भी अहम है। इससे मरीजों और अस्पताल स्टाफ को राहत मिलेगी और बाहरी दखल पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
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