

ग्वालियर शहर में गंभीर अपराध जैसे हत्या, हत्या का प्रयास और लूट के मामलों में एक अलग ही प्रवृत्ति सामने आ रही है। अब लोग अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए खुद को या अपने जानकारों को चोट पहुंचाकर झूठे केस दर्ज करा रहे हैं।
बीते एक महीने में जांच के दौरान दर्जनों ऐसे केस सामने आए हैं, जिनमें पुलिस ने गहराई से पड़ताल के बाद 19 लोगों को जेल भेजा है। ये सभी लोग या तो खुद घायल हुए या अपने साथियों को चोटिल कर झूठी एफआईआर दर्ज करवा रहे थे।
OTT और टीवी सीरियल से मिल रहा क्राइम आइडिया
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधी मानसिकता के लोग OTT और टीवी सीरियल देखकर प्लानिंग कर रहे हैं। वो न केवल स्क्रिप्ट तैयार करते हैं, बल्कि गवाहों को भी पहले से तय करते हैं ताकि पुलिस को शक न हो।
ग्वालियर पुलिस की नई रणनीति
ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि अब झूठी एफआईआर दर्ज कराने वालों को भी उसी धारा में आरोपी बनाया जा रहा है, जिसमें वो दूसरों को फंसाते थे। इस नई कार्रवाई के चलते झूठे केस दर्ज कराने वालों में डर का माहौल बना है।
एक साल में कई फर्जी मामले पकड़े गए
गत वर्ष में गोली से खुद को घायल कर 307 जैसे संगीन मामलों में दुश्मनों को फंसाने वाले 19 लोगों को जेल भेजा गया। इसके अलावा आधा दर्जन केसों में जांच अभी भी जारी है।
कुछ प्रमुख फर्जी केस:
1. 4 लाख की डील में गोली चलवाकर दुश्मनों को फंसाया
27 जून को ग्रामीण बृजेश परिहार को गोली लगी। जांच में पता चला कि सचिन गुर्जर व अरुण गुर्जर ने 4 लाख रुपये में यह डील की थी। बृजेश को 1.80 लाख एडवांस दिया गया था ताकि वह खुद को गोली मारने दे। पुलिस ने इस मामले में घायल सहित पांच को जेल भेजा।
2. प्रॉपर्टी डीलर ने खुद पर चलवाई गोली
बंटी कुशवाह ने बाइक सवार युवकों द्वारा कंधे में गोली मारने की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि उसने खुद अपने मामा के बेटे से गोली चलवाई थी ताकि अपने दुश्मनों को फंसा सके। बंटी सहित चार लोगों को जेल भेजा गया।
3. हजीरा और महाराजपुरा में 12 गिरफ्तार
हजीरा में हिमांशु और महाराजपुरा में कृष्णा भदौरिया जैसे केसों में भी झूठे गोली लगने के मामले सामने आए। पुलिस ने 12 लोगों को इन केसों में गिरफ्तार किया।
4. खुद की कार तोड़ी, लूट का बहाना बनाया
24 जुलाई को अखिलेश पाल ने बेहटा चौकी में शिकायत की कि बदमाशों ने 12 लाख रुपये लूट लिए। जांच में पता चला कि उसने कर्ज से बचने के लिए खुद अपनी कार तोड़ी और लूट का नाटक रचा।
5. बीमा क्लेम के लिए खुद की कार चोरी करवाई
20 जुलाई को शिवकुमार शर्मा ने कार चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच में पाया कि उसने खुद अपने दोस्त से कार चोरी करवाई थी ताकि बीमा क्लेम ले सके।
6. पर्स में गहने छिपाकर लूट का नाटक
16 जून को एक महिला ने बाइक सवार युवकों पर गहने लूटने का आरोप लगाया था। जांच में गहने उसके पर्स से मिले और पता चला कि रुपयों के लेनदेन को लेकर उसने खुद लूट की कहानी बनाई थी।
एक्सपर्ट की राय
शैलेंद्र पांडे, सेवानिवृत्त एएसपी: “ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में झूठे केस का ट्रेंड खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। कोर्ट में केस खारिज हो जाते थे, इसलिए लोग बेझिझक फर्जी केस दर्ज करा लेते थे। अब सख्त कार्रवाई जरूरी है
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