ग्वालियर पुलिस हाईटेक अपडेट के तहत डायल 112 सेवा, GPS सिस्टम, डिजिटल वायरलेस और 450 CCTV कैमरों से शहर की सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण में बड़े बदलाव हो रहे हैं

डायल 100 की जगह अब 112 नंबर: आपातकाल में सीधा संपर्क
अब ग्वालियर में अगर आपको पुलिस सहायता की जरूरत हो, तो आपको डायल 112 करना होगा। पहले यह सेवा डायल 100 के माध्यम से उपलब्ध थी, लेकिन तकनीकी उन्नति के तहत इसे बदल दिया गया है। इससे आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिलेगी और रेस्पॉन्स टाइम पहले से कम होगा।
हाइटेक बोलेरो और स्कॉर्पियो के साथ GPS और डिजिटल वायरलेस
पुलिस विभाग की FRV (First Response Vehicle) गाड़ियों की संख्या 45 से बढ़ाकर 54 कर दी गई है। अब इनमें पुरानी सफारी की जगह नई बोलेरो और स्कॉर्पियो गाड़ियाँ तैनात होंगी। इन गाड़ियों में GPS सिस्टम और डिजिटल वायरलेस
इसके लिए एक स्थानीय सर्वर रूम बनाया गया है, जो सीधे सेंट्रल सिस्टम से जुड़ा रहेगा। इससे रीयल टाइम मॉनिटरिंग और डाटा एक्सचेंज सरल और तेज़ होगा।
इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम: चार एजेंसियों का एक नेटवर्क
ग्वालियर में अब Integrated Criminal Justice System लागू किया जा रहा है। इस सिस्टम के अंतर्गत पुलिस, अस्पताल, कोर्ट और जेल
यह सिस्टम केस रजिस्ट्रेशन से लेकर सजा तक के हर चरण को ट्रैक करेगा। इससे केस पेंडेंसी कम होगी और पीड़ित को जल्द न्याय मिलेगा।
साइबर अपराध पर लगाम: ग्वालियर में अब बनेगा अलग साइबर थाना
अब तक ग्वालियर में साइबर अपराध की जांच क्राइम ब्रांच की साइबर सेलअलग साइबर थाना
साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह एक अहम कदम है। वर्तमान में ग्वालियर के कुल अपराधों में से करीब 60% किसी न किसी रूप में साइबर अपराध से जुड़े होते हैं।
450 नए CCTV कैमरे, 217 कैमरों की निगरानी पुलिस के पास
ग्वालियर शहर में अब 450 CCTV कैमरे
इनमें से 217 कैमरों100 कैमरे
इन कैमरों में ANPR (Automatic Number Plate Recognition) तकनीक होगी जिससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वचालित रूप से पहचाने जा सकेंगे।
एसएसपी धर्मवीर सिंह का बयान
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि शहर को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से सशक्त
उन्होंने कहा, “गाड़ियों में GPS और डिजिटल वायरलेस से रेस्पॉन्स टाइम घटेगा। 450 CCTV कैमरों से पूरे शहर की निगरानी होगी। साइबर थाना बनने से डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाई जा सकेगी।”
लोगों की भागीदारी जरूरी
पुलिस प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे 112 नंबर को अपने फोन में सेव करें और किसी भी आपात स्थिति में उसका उपयोग करें। साथ ही, ट्रैफिक नियमों का पालन कर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
ग्वालियर में पुलिस तंत्र को डिजिटल और हाईटेक बनाना समय की जरूरत बन चुका है। बढ़ते साइबर अपराधों और ट्रैफिक उल्लंघनों को देखते हुए जो सुधार किए जा रहे हैं, वे शहर की सुरक्षा को नई दिशा देंगे। डायल 112 सेवा, GPS-enabled गाड़ियाँ, CCTV नेटवर्क और साइबर थाना, ये सभी बदलाव भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग का संकेत हैं।
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