
इंदौर में रीजनल पार्क से जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सेव वाटर साइक्लोथॉन का आयोजन हुआ। इस साइक्लोथॉन में महापौर, विधायक और नागरिकों ने जल संरक्षण का संदेश दिया। जानिए इस आयोजन की पूरी जानकारी।”
Table of Contents

सेव वाटर साइक्लोथॉन का आयोजन
इंदौर शहर में रविवार को जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सेव वाटर साइक्लोथॉन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रीजनल पार्क से शुरू हुआ, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग साइकिल लेकर जुटे। विधायक मधु वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर इस साइक्लोथॉन को रवाना किया, जिसमें कई आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। आयोजन का मकसद जल संरक्षण का संदेश देना और जल स्रोतों के महत्व को दोहराना था।
विधायक द्वारा शपथ दिलाई गई
इस आयोजन में विधायक मधु वर्मा ने सभी उपस्थित लोगों को जल बचाने और उसके संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने स्तर पर पानी बचाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी पर्याप्त जल मिल सके। इसी अभियान के तहत कई पूर्व आयोजनों में भी नागरिकों को जागरूक किया जा चुका है।
जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प
विधायक ने बताया कि जल संकट को दूर करने का सबसे मजबूत तरीका है स्रोतों को संरक्षित करना। रीजनल पार्क से शुरू हुई साइक्लोथॉन इसी संदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास है। लोगों ने उत्साहपूर्वक साइकिल यात्रा में भाग लिया और जल बचाने का वचन लिया।
महापौर का संदेश
कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर कभी भी किसी अच्छे काम में पीछे नहीं रहता। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण में इंदौर ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। शहर में 500 से अधिक कुएं, 100 से ज्यादा बावड़ियां और 27 तालाब संरक्षित व पुनर्जीवित किए गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर बनेंगे।
बावड़ियों का पुनरोद्धार
महापौर ने कहा कि कुछ बावड़ियां ऐसी थीं जो पिछले 50 साल से साफ नहीं हुई थीं, अब उन्हें भी स्वच्छ कर सुरक्षित रखा गया है। इससे देशभर से लोग इंदौर की जल संरचना देखने आ रहे हैं। उन्होंने जनता को प्रेरित किया कि वे इस प्रयास में आगे भी सहयोग करें।
जन सहभागिता और रूट
इस साइक्लोथॉन में रीजनल पार्क से महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगम अधिकारी, समाजसेवी और कई अन्य लोग साइकिल पर सवार होकर शामिल हुए। अलग-अलग मार्गों से गुजरती हुई साइक्लोथॉन में नागरिकों ने कई किलोमीटर साइकिल चलाई और जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी का उत्साह देखते ही बनता था। इस आयोजन में लोगों ने यह साबित किया कि जल संकट की समस्या को मिलकर ही हल किया जा सकता है।
सामाजिक चेतना का उदाहरण
इंदौर ने जल गंगा संवर्धन अभियान को सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप दिया है। लगातार आयोजनों, रैलियों, साइक्लोथॉन और जागरूकता अभियानों से लोग पानी की कीमत समझने लगे हैं। यही वजह है कि जल संकट जैसे गंभीर मुद्दे पर भी लोग खुलकर सामने आए।
इस तरह इंदौर का सेव वाटर साइक्लोथॉन ना केवल जल संरक्षण का संदेश लेकर आया, बल्कि लोगों को सामूहिक भागीदारी की प्रेरणा भी दी। आने वाले समय में इसी तरह के प्रयासों से शहर और प्रदेश में जल संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
📢 हमारे अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़ें:
📞 खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
9977238238, 9977290137




