
इंदौर खजूरी बाजार में आग से राख हुई 4 दुकानें
इंदौर के व्यस्ततम क्षेत्रों में शुमार खजूरी बाजार स्थित सुभाष चौक पर बुधवार की सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी को दहला दिया। सुबह के करीब 6 बजे अचानक चार दुकानों में भीषण आग लग गई, जिससे वहां रखा लाखों रुपए का सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में एक दुकान से दूसरी में फैल गई और स्टेशनरी, राखियों सहित सभी जरूरी सामान जलकर खाक हो गया।
आग बुझाने में जुटे दमकल कर्मी और मौके पर जमा लोग

मौके पर तुरंत पुलिस बल और दमकल की गाड़ियां पहुंची। सर्राफा थाना प्रभारी सुरेंद्र रघुवंशी ने बताया कि आग खंडेलवाल ब्रदर्स की दुकान से शुरू हुई और जल्द ही आसपास की तीन और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला और दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
बताया गया कि जिन चार दुकानों में आग लगी, वे सभी एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों की थीं। महेश खंडेलवाल, जगदीश खंडेलवाल, सतीश खंडेलवाल और उनके एक रिश्तेदार की इन दुकानों में स्टेशनरी, राखियां, बही-खाते और त्योहार से संबंधित कई प्रकार का सामान रखा गया था। आग लगने की खबर मिलते ही सभी दुकान मालिक भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग ने सब कुछ खत्म कर दिया था।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि आग का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जांच चल रही है। चूंकि राखियों का सीजन चल रहा था, इसलिए इन दुकानों में काफी ज्यादा स्टॉक था। यही कारण है कि आग से नुकसान की राशि लाखों में आंकी जा रही है। राखियों के साथ स्टेशनरी का माल भी पूरी तरह जल गया।
राख में तब्दील दुकानें, मौके पर व्यापारी और पुलिस

पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त कार्रवाई के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया, लेकिन तभी सामने आया कि इन दुकानों के ऊपर जो भवन बना हुआ था, वह अत्यंत जर्जर स्थिति में था। आग लगने और उसके बाद की गर्मी के चलते वह और कमजोर हो चुका था। ऐसे में नगर निगम को सूचना दी गई, जिन्होंने तत्काल टीम भेजकर उस जर्जर हिस्से को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जिस भवन को गिराया गया, उसके खिलाफ पहले से ही नोटिस जारी किया गया था। परंतु उस पर कार्रवाई नहीं हो पाई थी। अब चूंकि आग के बाद भवन की स्थिति और भी खतरनाक हो गई थी, ऐसे में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे तुरंत हटाया गया।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नगर निगम को ऐसे पुराने और जर्जर भवनों पर पहले ही कड़ी नजर रखनी चाहिए ताकि इस प्रकार के हादसों से बचा जा सके। वहीं, कई व्यापारियों ने सवाल उठाए हैं कि खजूरी बाजार जैसे घनी आबादी और तंग गलियों वाले क्षेत्र में दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में कठिनाई होती है।
फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बताया कि यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो यह और भी अधिक दुकानों में फैल सकती थी। स्थिति नियंत्रण में आने के बाद फायर ब्रिगेड ने मलबा हटाने और अंदरूनी आग की जांच की।
दुकान मालिकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए और राखियों का व्यापार जो वर्तमान में अपने चरम पर है, उसकी भरपाई कैसे होगी, इस पर भी विचार किया जाए।
स्थानीय व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से व्यापारियों की मदद करने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल राखी और त्योहारों से पहले खजूरी बाजार में बड़ी तैयारियां होती हैं और इस तरह की घटनाएं बाजार की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती हैं।
इधर, पुलिस ने मौके की जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रथम दृष्टया आग का कारण शॉर्ट सर्किट ही माना जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।
नगर निगम की टीम जर्जर भवन गिराने में जुटी
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी भवन के जर्जर होने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और यदि बिल्डिंग मालिक ने लापरवाही बरती, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल खजूरी बाजार में स्थिति सामान्य है, लेकिन आग की घटना के बाद व्यापारियों में चिंता और असुरक्षा की भावना बनी हुई है। दुकानों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि किस प्रकार व्यापारियों को राहत प्रदान की जाए।
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