रतलाम/इंदौर: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने आज रतलाम जिले का दौरा किया, जहां उन्होंने कई विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान जहां रतलाम में कई घोषणाएं हुईं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश का प्रमुख शहर इंदौर अब भी बारिश के लिए तरस रहा है। जुलाई का आधा महीना बीत गया है लेकिन इंदौर में अब तक सिर्फ 21 मिमी (0.8 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत 12 इंच से बहुत कम है।

रतलाम में मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रतलाम में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “प्रदेश में मानसून की सक्रियता जल्द देखने को मिलेगी। मौसम विभाग से लगातार संपर्क में हैं और किसानों के हितों की सुरक्षा प्राथमिकता है।”
उन्होंने रतलाम में बारिश की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और जिला प्रशासन को फसलों की निगरानी के निर्देश दिए। इस दौरान सीएम ने रतलाम में कई योजनाओं की समीक्षा बैठकें भी कीं।
इंदौर में सूखा जैसा माहौल
इंदौर में इस बार जुलाई की बारिश उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। सामान्य तौर पर जुलाई में 10-12 इंच तक बारिश हो जाती है, लेकिन इस बार आधा महीना बीत जाने के बाद भी शहर में सिर्फ 0.8 इंच बारिश हुई है।
हर दिन बादलों की आवाजाही जरूर रहती है, लेकिन बरसात नहीं हो रही। नतीजन शहर में धूल उड़ रही है और गर्मी का अहसास लोगों को हो रहा है।
एयरपोर्ट इलाका सूखा, अन्य क्षेत्रों में बूंदाबांदी
बुधवार को कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन एयरपोर्ट और आसपास के इलाके सूखे ही रहे। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आए सिस्टम का असर मालवा क्षेत्र पर कम पड़ रहा है।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक अजय कुमार शुक्ला ने बताया, “प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश सक्रिय है, लेकिन मालवा क्षेत्र में सिस्टम का प्रभाव नहीं पहुंच पा रहा।”
जुलाई 2025 में अब तक की बारिश का ब्यौरा
नीचे दी गई तालिका में 1 जुलाई से 16 जुलाई तक का इंदौर का मौसम और बारिश का विवरण दिया गया है:
| तारीख | दिन का तापमान (°C) | रात का तापमान (°C) | बारिश (मिमी) |
|---|---|---|---|
| 1 जुलाई | 30.4 | 23.2 | 1.3 |
| 5 जुलाई | 26.4 | 23.4 | 4.6 |
| 6 जुलाई | 28.2 | 22.5 | 6.1 |
| 13 जुलाई | 31.6 | 23.2 | 10.4 |
| बाकी दिन | औसत 30 | 23.5 | 0-2 मिमी |
पिछले वर्षों की तुलना
- 2023: कुल जुलाई में 18 इंच बारिश, 27 दिन पानी बरसा।
- 2013: रिकॉर्ड 22 इंच बारिश हुई थी जुलाई में।
- 2024: लगभग 10 इंच बारिश और 25 दिन सक्रिय मानसून रहा।
क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में जो सिस्टम सक्रिय है वह विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में वर्षा करा रहा है, जबकि इंदौर और मालवा-निमाड़ क्षेत्र इससे अछूते हैं। हालांकि, 20 जुलाई के आसपास एक नया सिस्टम विकसित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इंदौर में बारिश की उम्मीद बढ़ी है।
इस मौसम का कृषि पर असर
बारिश की कमी का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। समय पर बुआई नहीं हो पाने से खेत खाली हैं या सूख चुके हैं। इंदौर जिले में सोयाबीन, मक्का और अरहर जैसी फसलों की बुआई बहुत कम हुई है।
मुख्यमंत्री ने रतलाम में यह भी कहा कि यदि 20 जुलाई तक बारिश नहीं हुई तो फसल बीमा और राहत पैकेज पर निर्णय लिया जाएगा।
लोगों की प्रतिक्रियाएं
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मौसम हर दिन धोखा दे रहा है। “सुबह बादल घिरते हैं, लगता है आज झमाझम बारिश होगी, लेकिन दोपहर तक धूप निकल आती है।” – इंदौर निवासी राधिका जैन
“गर्मी और उमस ने परेशान कर दिया है, बिजली की खपत भी बढ़ गई है। छत पर ठंडक के लिए पानी डालना पड़ रहा है।” – व्यापारी अंशुल चौधरी
मुख्यमंत्री की रतलाम यात्रा ने जहां प्रशासनिक दृष्टिकोण से राहत की उम्मीदें जगाईं, वहीं इंदौर में मानसून की असफलता ने लोगों को चिंतित कर दिया है। अगले कुछ दिनों में यदि बारिश नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
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