
इंदौर में सावन की पहली अच्छी बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया। इस बार अब तक कुल 8.5 इंच वर्षा दर्ज की गई है। जानें किन इलाकों में हुई भारी बारिश।

- इंदौर में सावन की बारिश की शुरुआत
- कहाँ-कहाँ हुई सबसे ज़्यादा वर्षा
- शहर में जलभराव की स्थिति
- जुलाई महीने का तापमान और बारिश
- प्रशासन की तैयारियाँ और चुनौतियाँ
इंदौर में सावन की बारिश की शुरुआत
इंदौर में सावन के महीने में आखिरकार पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह 8:30 बजे तक करीब 23 मिमी यानी लगभग 1 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। इससे पहले पूरे महीने में बौछारें तो पड़ी थीं लेकिन कोई भी भारी बारिश नहीं हुई थी।
कहाँ-कहाँ हुई सबसे ज़्यादा वर्षा
शहर के पश्चिमी हिस्से जैसे बंगाली चौराहा, पीपल्याहाना और तेजाजी नगर में तेज बारिश हुई, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। वहीं, गांधी नगर, एयरपोर्ट और राजबाड़ा की ओर हल्की बारिश देखने को मिली।
शहर में जलभराव की स्थिति
पीपल्याहाना ब्रिज के नीचे पानी भर गया जिससे दोपहिया वाहन चालकों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। सर्विस रोड भी लबालब हो गई। इंदौर नगर निगम द्वारा अभी तक जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
एमजी रोड पर लगा ट्रैफिक जाम
शुक्रवार रात बारिश के चलते एमजी रोड पर जाम की स्थिति उत्पन्न हुई। इंद्रप्रस्थ टॉवर चौराहा से लेकर रीगल और पलासिया तक ट्रैफिक ठहर गया। सिग्नल खराब होने के कारण वाहन एक किलोमीटर लंबी कतार में खड़े रहे।
प्रशासन की तैयारियाँ और चुनौतियाँ
मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है जिससे चक्रवात, ट्रफ और डिप्रेशन जैसे सिस्टम सक्रिय हैं। यह सिस्टम अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रह सकते हैं।
नगर निगम को चाहिए कि जलभराव की समस्या का स्थायी हल खोजे क्योंकि बारिश की स्थिति अब लगातार बनने वाली है। प्रशासन को आपदा प्रबंधन की योजना पहले ही लागू करनी चाहिए थी।
शहरवासी सावन की बारिश से राहत महसूस कर रहे हैं लेकिन यातायात और जलभराव के कारण परेशान भी हैं।
इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट
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