
जबलपुर में नाबालिग बेटे ने शराबी पिता की रोज की मारपीट से तंग आकर कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। आरोपी ने खुद थाने पहुंचकर किया आत्मसमर्पण।
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी। यह कदम उसने इसलिए उठाया क्योंकि उसका पिता रोज शराब पीकर उसकी मां के साथ मारपीट करता था। वारदात के बाद नाबालिग स्वयं थाने पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। घटना बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव की है।

पुलिस ने मृतक गोविंद सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी जब्त कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि नाबालिग के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रात 2 बजे हुई कहासुनी और फिर…
घटना मंगलवार देर रात करीब 2 बजे की है। नयाखेड़ा गांव निवासी गोविंद सिंह शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा। वह अक्सर अपनी पत्नी रेवती बाई मल्लाह (38) के साथ मारपीट करता था। उस रात भी उसने पत्नी को नींद से उठाकर खाना मांगा। जब पत्नी ने खुद खाना निकालने को कहा, तो गोविंद उग्र हो गया और बर्तन फेंकने लगा।
पत्नी ने विरोध किया तो गोविंद मारपीट पर उतर आया। जैसे ही उसने पास रखी कुल्हाड़ी उठाकर पत्नी पर हमला करने की कोशिश की, बाहर आंगन में सो रहा 17 वर्षीय बेटा दौड़कर आया और कुल्हाड़ी छीनकर अपने पिता पर ही हमला कर दिया।
मौके पर ही हो गई मौत
नाबालिग द्वारा किए गए हमले में गोविंद को गंभीर चोटें आईं। कमर, कंधे, कान और पीठ पर गहरी चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी, लेकिन इससे पहले ही आरोपी खुद थाने पहुंच चुका था।
आरोपी ने खुद किया आत्मसमर्पण

थाने पहुंचकर नाबालिग ने बताया कि वह अपने पिता की हरकतों से तंग आ चुका था। पिछले 20 वर्षों से पिता शराब पीता आ रहा था और हर दिन मां को पीटता था। उसकी मां मजदूरी कर जैसे-तैसे घर चला रही थी। जब उसने देखा कि पिता कुल्हाड़ी से मां की जान लेने वाला है, तो वह खुद को रोक नहीं सका और यह कदम उठा लिया।
पुलिस का बयान
एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मृतक गोविंद सिंह का शव पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कुल्हाड़ी को जब्त कर लिया गया है और जांच जारी है।
सामाजिक परिप्रेक्ष्य
यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा के दुष्परिणामों को उजागर करती है। लगातार प्रताड़ना और मानसिक दबाव ने एक किशोर को ऐसा कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। यह एक सामाजिक चेतावनी भी है कि घरेलू हिंसा की अनदेखी करना परिवार को किस हद तक तोड़ सकता है।
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