
महू अस्पताल नवजात हादसा: महू के अस्पताल में एक महिला ने शौचालय में बच्ची को जन्म दिया और गायब हो गई। बच्ची का शव कुत्ते खा गए। अस्पताल की सुरक्षा और महिलाओं की देखरेख पर गंभीर सवाल उठे हैं।
- महिला ने क्यों छिपकर किया प्रसव?
- अस्पताल में पहुंच गए कुत्ते
- सुरक्षा और देखरेख में लापरवाही
- स्वास्थ्य प्रणाली पर गंभीर सवाल
- आगे की कार्रवाई
शौचालय में गुप्त रूप से प्रसव, फिर गायब
महू के मध्य भारत अस्पताल में एक महिला ने शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे टॉयलेट में बच्ची को जन्म दिया और चुपचाप वहां से चली गई। यह घटना समाज में छिपे मानसिक और सामाजिक दबावों को उजागर करती है।

बच्ची का शव कुत्ते खा गए, आधा ही मिला
शनिवार सुबह मरीजों के परिजन जब अस्पताल के शौचालय गए, तो उन्होंने देखा कि कुछ आवारा कुत्ते वहां नवजात के शव को खा रहे थे। महिला गार्ड ने कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक बच्ची का ऊपरी हिस्सा गायब हो चुका था।
अस्पताल की सुरक्षा में भारी चूक
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से कुत्ते अस्पताल के भीतर पहुंच गए। न तो किसी कर्मचारी ने महिला को शौचालय में जाते समय रोका, न ही उसके प्रसव की जानकारी ली गई। अस्पताल में कोई भी महिला चिकित्सक या स्टाफ उस समय उपलब्ध नहीं था।
महिला स्वास्थ्य और मानसिक दबाव का सवाल
इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि महिला मानसिक या सामाजिक दबाव में थी, जिससे उसने अस्पताल की सुविधा का उपयोग नहीं किया। ऐसे मामलों में अस्पतालों को महिला परामर्श और देखरेख की अलग व्यवस्था करनी चाहिए।
पुलिस जांच और महिला की तलाश जारी
कोतवाली थाना प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और महिला की तलाश की जा रही है। अस्पताल के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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