
मध्यप्रदेश में बीते 6 महीनों में 10 से अधिक पुलिसकर्मियों ने आत्महत्या की। जुए की लत, ब्लैकमेलिंग, पारिवारिक तनाव और विभागीय दबाव जैसी वजहें सामने आईं। जानें पूरी रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय।
MP Police Suicide Report 2025 : मध्यप्रदेश में पुलिसकर्मियों की आत्महत्या के मामले लगातार चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। MP Police Suicide Report 2025 के अनुसार, बीते छह महीनों में दस से अधिक पुलिसकर्मियों ने आत्महत्या की है। आत्महत्या के पीछे मुख्य कारण मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी, जुए की लत और ब्लैकमेलिंग पाए गए हैं।
ताजा मामला: इंदौर में कांस्टेबल ने किया सुसाइड
21 मई 2025 को इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र स्थित सरकारी क्वार्टर में कांस्टेबल विनोद यादव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, एक महिला द्वारा उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था। महिला से पूछताछ जारी है। यादव हरियाणा के रहने वाले थे और उनका परिवार उस समय बाहर था।
आत्महत्याओं की प्रमुख वजहें
1. बीमारी से परेशान हेड कांस्टेबल
13 मार्च को इंदौर के सर्राफा थाने में पदस्थ नवीन शर्मा ने बीमारी के कारण आत्महत्या की। वे लंबे समय से ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे।
2. गर्लफ्रेंड की ब्लैकमेलिंग
6 मार्च को छतरपुर में टीआई अरविंद कुजूर ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। जांच में सामने आया कि वे एक युवती द्वारा ब्लैकमेल किए जा रहे थे।
3. डिप्रेशन का इलाज चल रहा था
23 फरवरी को डीआरपी लाइन, इंदौर में पुलिसकर्मी अनुज जाट ने सुसाइड किया। वे मानसिक अवसाद में थे और इलाज चल रहा था।
4. जुए की लत और आर्थिक तंगी
25 फरवरी को जबलपुर के ब्रजेश बढ़पुर ने फांसी लगाकर जान दी। उन पर लाखों रुपये का कर्ज था।
5. शारीरिक बीमारी से जूझ रही महिला आरक्षक
16 जनवरी को इंदौर की मानषी मुराडिया ने फांसी लगाकर जान दी। वह पेट की बीमारी से परेशान थी।
6. कर्ज के कारण तनावग्रस्त एएसआई
14 दिसंबर को भोपाल के अनिल हेड़ाऊ ने आत्महत्या की। सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी और कर्ज की बात सामने आई।
7. विभागीय जांच का दबाव
22 दिसंबर को इंदौर के आरक्षक मुकेश लोधी ने आत्महत्या की। वे विभागीय जांच और पारिवारिक दुख से मानसिक तनाव में थे।
8. पर्सनल और प्रोफेशनल तनाव
सितंबर 2024 में इंदौर की एसआई नेहा शर्मा ने बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या की। वे पारिवारिक और प्रोफेशनल तनाव से जूझ रही थीं।
9. छुट्टी से लौटकर गोली मारी
18 अप्रैल को खरगोन के जवान राजकुमार शर्मा ने छुट्टी से लौटने के बाद खुद को गोली मार ली।
10. ड्यूटी के बाद फांसी लगाई
20 मार्च को धार के अजय बामनिया ने रात ड्यूटी के बाद आत्महत्या कर ली।
मानसिक तनाव और डिप्रेशन है मूल कारण
मनोचिकित्सक डॉ. जयप्रकाश अग्रवाल के अनुसार, पुलिसकर्मियों में आत्महत्या की सबसे बड़ी वजह लंबे समय तक बना मानसिक तनाव है। हमारे देश में मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से नहीं लिया जाता, खासकर पुलिस जैसे तनावपूर्ण विभागों में।
कारण:
- कार्य का अत्यधिक दबाव
- वीकली ऑफ का अभाव
- पारिवारिक जिम्मेदारियों से दूरी
- शराब की लत
डॉ. अग्रवाल कहते हैं:
“भावनाएं दबाना और अकेलापन आत्महत्या की ओर ले जाता है। पुलिसकर्मियों के पास अपनी बात कहने का कोई मंच नहीं होता।”
पुलिस की नौकरी: अधिकार और चुनौतियां दोनों
रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव बताते हैं कि पुलिस की नौकरी आपातकालीन सेवा में आती है। जहां अधिकार हैं, वहां जिम्मेदारियों का दबाव भी है। पुलिसकर्मियों को काम के घंटे तय नहीं होते, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
रिपोर्ट: पुलिसकर्मी औसतन 14 घंटे ड्यूटी करते हैं
स्टेटस ऑफ पुलिसिंग इन इंडिया रिपोर्ट 2019 के मुताबिक:
- 24% पुलिसकर्मी प्रतिदिन 16 घंटे से अधिक ड्यूटी करते हैं।
- 44% पुलिसकर्मी 12 घंटे से ज्यादा काम करते हैं।
- 84% पुलिसकर्मी परिवार को समय नहीं दे पाते।
- 74% स्टाफ उच्च रक्तचाप, नींद की कमी और थकान जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं।
समाधान क्या हो?
- मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष प्रशिक्षण
- वीकली ऑफ और छुट्टियों की व्यवस्था
- काउंसलिंग और थेरेपी सत्र
- काम का संतुलन और समय प्रबंधन
- परिवार के साथ समय बिताने की सुविधा
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