
रतलाम (मध्यप्रदेश), 2025 का सबसे चौंकाने वाला रतलाम डीजल घोटाला: 197 लीटर पानी मिला, 19 गाड़ियां बंद एक बार फिर प्रदेश में ईंधन आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल में शामिल 19 इनोवा गाड़ियां एक साथ बंद हो गईं, जिसके पीछे की वजह अब सामने आ चुकी है – डीजल में पानी की मिलावट।
विषय सूची
- 1. डीजल घोटाले का खुलासा
- 2. जांच रिपोर्ट और नमूने
- 3. एफआईआर और कानूनी कार्यवाही
- 4. प्रशासन और ड्राइवरों के विरोधाभासी बयान
- 5. स्टॉक में अंतर और जांच निष्कर्ष
- 6. जिलेभर में पेट्रोल पंपों की जांच
- 7. कलेक्टर का बयान और आगे की कार्रवाई
सीएम के काफिले में शामिल गाड़ियों में पानी मिला डीजल, मामला गरमाया

27 जून को रतलाम में आयोजित एमपी राइज 2025 कार्यक्रम के दौरान यह चौंकाने वाला वाकया सामने आया। इंदौर से रतलाम पहुंची प्रोटोकॉल वाहनों को डोसीगांव स्थित भारत पेट्रोलियम के मेसर्स शक्ति फ्यूल्स पॉइंट से डीजल भरवाया गया था। कुछ ही दूरी पर सभी 19 इनोवा गाड़ियां एक-एक कर बंद हो गईं।
गाड़ियों को धक्का देकर वापस पेट्रोल पंप लाया गया और जब टैंक खाली कराए गए तो डीजल के साथ पानी भी निकला। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने उसी रात पेट्रोल पंप को सील कर दिया और तीन सैंपल जांच के लिए भेजे।
जांच में पुष्टि – डीजल में 197 लीटर पानी मिला
जांच के लिए लिए गए तीनों सैंपल BPCL की मांगलिया लैब (इंदौर) में भेजे गए थे। वहां से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से डीजल में पानी की मात्रा 197.43 लीटर बताई गई। साथ ही, डेंसिटी व स्टॉक के विश्लेषण में 720 लीटर का अंतर भी पाया गया जो मान्य सीमा से कहीं अधिक था।
डिस्प्ले सिस्टम में टैंक में वाटर लेवल 6.63 सेंटीमीटर दर्ज हुआ, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि डीजल में पानी मिलाया गया था।



पेट्रोल पंप सील, संचालक और मैनेजर पर FIR
जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले की रिपोर्ट पर थाना औद्योगिक क्षेत्र में पेट्रोल पंप संचालक शक्ति बुंदेल और मैनेजर अमरजीत डाबर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ईंधन टैंक में पानी की मिलावट की गई, और इसे भरवाने में लापरवाही बरती गई।
प्रशासन ने खुद को बताया जिम्मेदारी से अलग
इस मामले में प्रशासन और ट्रेवल एजेंसी के बीच जिम्मेदारी को लेकर तकरार बनी रही। प्रशासन का कहना है कि ये वाहन मुख्यमंत्री के काफिले का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि प्रोटोकॉल के लिए इंदौर की इम्पेक्ट ट्रेवल्स एजेंसी द्वारा भेजी गईं थीं। ईंधन भरवाने की जिम्मेदारी एजेंसी की थी, न कि जिला प्रशासन की।
कलेक्टर का बयान और आगे की कार्रवाई
रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम ने कहा कि जांच रिपोर्ट भारत पेट्रोलियम कंपनी को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले के 184 में से अब तक केवल 50 पेट्रोल पंपों की जांच हो पाई है और रोस्टर बनाकर शेष की जांच जारी है।
भारत पेट्रोलियम के एरिया मैनेजर श्रीधर ने जांच पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि रिपोर्ट जिला आपूर्ति विभाग को सौंप दी गई है।
क्यों है यह मामला गंभीर?
- मामला मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल से जुड़ा होने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
- पंप टैंक से पानी सहित डीजल निकलना, साफ संकेत देता है कि मिलावट पहले से थी।
- यह सवाल खड़ा करता है कि अन्य पेट्रोल पंपों पर भी ऐसे मिलावट हो सकती है?
पेट्रोल पंप अब तक बंद
मेसर्स शक्ति फ्यूल्स पॉइंट फिलहाल बंद है। संचालक जनसुनवाई में कलेक्टर से पंप पुनः चालू करने की अनुमति मांग चुके हैं, लेकिन जांच पूरी होने तक कोई राहत नहीं मिलने की संभावना है।
क्या कहती है कानून व्यवस्था?
आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मिलावट के दोषी पाए जाने पर कठोर दंड का प्रावधान है। यदि यह साबित होता है कि यह मिलावट जानबूझकर की गई थी, तो जेल की सजा और लाइसेंस रद्द होना तय है।
बड़ा खुलासा: रतलाम डीजल घोटाले ने प्रशासन को हिला दिया!
रतलाम डीजल मिलावट मामला प्रदेशभर में ईंधन गुणवत्ता जांच की मांग को मजबूती देता है। एक ओर जहां सरकार “MP राइज 2025” जैसी योजनाओं के ज़रिए विकास की ओर अग्रसर है, वहीं इस तरह की लापरवाहियाँ न केवल प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालती हैं बल्कि जनता की सुरक्षा और विश्वास को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
आगे की कार्यवाही की आवश्यकता
सरकार को चाहिए कि पूरे प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाई जाए और समय-समय पर पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल की मदद से ऑडिट कराई जाए।
यह मामला सिर्फ एक जिले या एक पेट्रोल पंप का नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की सतर्कता का सवाल है। यदि सीएम प्रोटोकॉल जैसी VVIP व्यवस्था में मिलावट हो सकती है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं। अब ज़रूरत है पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई की।
मध्यप्रदेश में पेट्रोल पंपों की जांच से जुड़ी खबरें पढ़ें
ज्यादा जानकारी के लिए भारत पेट्रोलियम की वेबसाइट देखें।
📢 हमारे अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़ें:
📞 खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
9977238238, 9977290137




