
“रतलाम के जावरा में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने 500 पेटी अवैध शराब जब्त की। शराब चंडीगढ़ से वडोदरा ले जाई जा रही थी, कीमत 43 लाख रुपए से अधिक।”
विषय सूची
- हादसे का विवरण
- कंटेनर से मिली भारी मात्रा में शराब
- किस-किस ब्रांड की शराब जब्त की गई
- ड्राइवर की पहचान और गिरफ्तारी
- नेट के जरिए चल रहा था ऑपरेशन

हादसे का विवरण
रतलाम जिले के जावरा थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान एक बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान 500 पेटी से अधिक अवैध शराब से लदे एक कंटेनर को जब्त किया है। इस मामले में पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
इस कार्रवाई से न केवल एक बड़ी खेप को रोका गया है, बल्कि यह भी साफ हो गया है कि अवैध शराब का नेटवर्क किस तरह से हाईवे के जरिए एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसपोर्ट किया जा रहा है।
कंटेनर से मिली भारी मात्रा में शराब
जावरा औद्योगिक थाना प्रभारी वीडी जोशी ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई जावरा-उज्जैन रोड पर 8-लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास की गई। ट्रैफिक सूबेदार सोनू वाजपेयी द्वारा दी गई संदिग्ध कंटेनर की सूचना पर ट्रक नंबर MH14JL9333 को रोका गया। जांच में पाया गया कि ट्रक के अंदर बड़ी मात्रा में शराब की पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। इन पेटियों को त्रिपाल से ढका गया था ताकि शक ना हो।

किस-किस ब्रांड की शराब जब्त की गई
पुलिस की जांच में सामने आया कि कुल 500 पेटियों में अलग-अलग ब्रांड की शराब भरी हुई थी। इनमें 200 पेटी बडवाइजर बियर, 100 पेटी रॉयल चैलेंज, 100 पेटी मैक्डोवेल और 100 पेटी रॉयल स्टेज ब्रांड की शराब शामिल है। जब्त शराब की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹43.20 लाख बताई जा रही है।
ड्राइवर की पहचान और गिरफ्तारी
इस मामले में ट्रक के ड्राइवर कालूराम (पिता मालाराम गोदार), उम्र 37 वर्ष, निवासी बेहल भिवानी (हरियाणा) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ड्राइवर से पूछताछ की गई जिसमें उसने बताया कि वह यह शराब चंडीगढ़ से गुजरात के वडोदरा ले जा रहा था।
पुलिस ने बताया कि ट्रक को संदिग्ध गतिविधियों के तहत रोका गया और ड्राइवर के पास से कोई वैध कागजात नहीं मिले जिससे यह साबित हो सके कि शराब का ट्रांसपोर्ट वैध है।
नेट के जरिए चल रहा था ऑपरेशन
थाना प्रभारी जोशी के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ड्राइवर को मोबाइल इंटरनेट के जरिए व्हाट्सएप पर लोकेशन और निर्देश भेजे जा रहे थे। कंटेनर कहां से उठाना है और कहां डिलीवरी करनी है, इसकी सारी जानकारी उसे ऑनलाइन मिल रही थी।
फिलहाल मामले में कुछ और लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही इस अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की जानकारी भी सामने आ सकती है।
रतलाम जिले में इस तरह से एक बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का खुलासा होना पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है। जिस प्रकार से शराब को छिपाकर राज्यों की सीमाओं को पार कराने की कोशिश की जा रही थी, वह गंभीर चिंता का विषय है। इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि अवैध शराब का कारोबार अब डिजिटल माध्यम से भी ऑपरेट किया जा रहा है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में तकनीकी सहायता लेकर पूरे नेटवर्क को उजागर किया जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
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