
रतलाम 8वीं छात्रा लापता: रतलाम के सेंट जोसेफ स्कूल की 13 वर्षीय छात्रा उर्वशी पाटीदार स्कूल से लापता हो गई थी। वह अगले दिन इंदौर के खजूरी बाजार में मिली। वॉट्सऐप पर फोटो देखकर लोगों ने परिजनों को जानकारी दी। जानिए पूरी कहानी।
घटना की पृष्ठभूमि
रतलाम के प्रतिष्ठित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली उर्वशी पाटीदार (13) शनिवार दोपहर को अचानक स्कूल से लापता हो गई थी। इस घटना ने परिजनों, स्कूल प्रशासन और पूरे शहर को चिंता में डाल दिया।

परिजन जब उसे लेने स्कूल पहुंचे, तो वह बाहर नहीं मिली। परिजनों ने पहले स्वयं बच्ची को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन जब वह देर रात तक नहीं मिली तो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
CCTV फुटेज ने खोला पहला सुराग
स्कूल और शहर के विभिन्न स्थानों के CCTV कैमरों की जांच में उर्वशी को ट्रैक सूट में काला घोड़ा चौराहे की ओर जाते हुए देखा गया। फिर एक फुटेज में वह ई-रिक्शा में बैठती नजर आई। इसके बाद वह रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर पहुंची।

पुलिस को यह भी पता चला कि वह कोटा पार्सल ट्रेन में सफर कर रही थी और ट्रेन के एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में जाते हुए भी उसे कैमरे में देखा गया।
इंदौर के खजूरी बाजार में मिली बच्ची
रविवार सुबह एक राहत की खबर आई। इंदौर के खजूरी बाजार क्षेत्र में एक घर के बाहर बच्ची बैठी मिली।
स्थानीय निवासी कुणाल पाटीदार ने वॉट्सऐप पर वायरल हो रही गुमशुदा बच्ची की तस्वीर से उसकी पहचान की और उसी मैसेज में दिए गए नंबर पर कॉल कर परिजनों को सूचना दी।

कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?
| दिनांक | घटना |
|---|---|
| शनिवार दोपहर | उर्वशी स्कूल से बिना बताए निकल गई |
| शनिवार शाम | परिजनों ने तलाश शुरू की |
| रात | स्कूल व स्टेशन के CCTV फुटेज में दिखी |
| रविवार सुबह | इंदौर के खजूरी बाजार में देखी गई |
| रविवार दोपहर | रिश्तेदार उमा पाटीदार उसे लेने पहुंचीं |
| शाम तक | पुलिस टीम रतलाम से इंदौर रवाना हुई |
परिजन और पुलिस की प्रतिक्रिया
पिता कन्हैया पाटीदार का बयान
“बेटी रतलाम में बड़े पिताजी के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। शनिवार को उसका भाई जल्दी छुट्टी हो गया, वह बाद में निकली और अचानक गायब हो गई। पूरी रात हमने उसे खोजा।”
TI स्वराज डाबी (स्टेशन रोड थाना, रतलाम)
“CCTV फुटेज की मदद से बच्ची की ट्रेसिंग हुई। वह इंदौर के खजूरी बाजार में सुरक्षित मिली है। टीम उसे लेने रवाना हो चुकी है।”
रिश्तेदारों से मिलकर रोने लगी बच्ची
जब इंदौर निवासी रिश्तेदार उमा पाटीदार उसे लेने पहुंचीं, तो बच्ची भावुक होकर रो पड़ी। फिलहाल बच्ची को सर्राफा थाना ले जाया गया है।

यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने इंदौर आने का निर्णय खुद लिया या कोई और उसे यहां लाया। पुलिस की जांच जारी है।
वॉट्सऐप, सोशल मीडिया और आम जनता की भूमिका
इस केस में यह बात विशेष रही कि सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स ने बच्ची की खोज में बड़ा रोल निभाया:
- बच्ची की तस्वीर वायरल हो गई।
- कुणाल पाटीदार ने फोटो देखकर तुरंत संपर्क किया।
- कई ऑटो चालकों और आम लोगों ने फोटो देख कर सुराग दिए।
यह एक सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रयोग का उदाहरण बन गया है।
क्या यह मानव तस्करी का मामला है?
फिलहाल पुलिस ने मानव तस्करी, अपहरण या मानसिक दबाव जैसे कोणों को लेकर जांच शुरू कर दी है। बच्ची की मानसिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उसने रेल यात्रा अकेले की या किसी के साथ।
बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम से भी बच्ची की काउंसलिंग कराई जाएगी।
स्कूली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना से एक बार फिर स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रश्न उठते हैं:
- कैसे एक 13 वर्षीय छात्रा स्कूल से बिना बताए निकल गई?
- स्कूल गेट पर गार्ड क्यों नहीं था?
- छात्रा के निकलने के तुरंत बाद परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई?
स्कूल प्रशासन की जवाबदेही तय होना जरूरी है।
रतलाम की 13 वर्षीय छात्रा उर्वशी पाटीदार की सुरक्षित वापसी से परिजनों को राहत जरूर मिली है, लेकिन यह घटना हमें यह सोचने को मजबूर करती है कि हमारे बच्चे कितने सुरक्षित हैं?
स्कूल प्रशासन, समाज और तकनीक – तीनों को मिलकर एक ऐसा सुरक्षित वातावरण बनाना होगा जहाँ कोई बच्चा बिना निगरानी के गुम न हो जाए।
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