
रतलाम उद्यमी जागरूकता कार्यक्रम 2025 के तहत ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (सेंट आरसेटी), बिरियाखेड़ी रतलाम ने आज 4 जुलाई को कई स्थानों पर महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों और कौशल विकास के बारे में जानकारी देना था। इस दौरान संस्थान के निदेशक दिलीप सेठिया ने प्रतिभागियों को बताया कि संस्थान किस प्रकार से निशुल्क प्रशिक्षण देकर युवाओं को सशक्त बना रहा है।
गौरतलब है कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बैंकों द्वारा प्रायोजित होते हैं और पूरी तरह से गैर-लाभकारी रूप में युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं। ऐसे प्रयासों से न केवल रोजगार सृजन होता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। मध्यप्रदेश करियर गाइडेंस सेक्शन में भी इस तरह के प्रशिक्षण की जानकारी समय-समय पर दी जाती है।

क्या है आरसेटी का उद्देश्य?
रतलाम उद्यमी जागरूकता कार्यक्रम 2025 के माध्यम से युवाओं को यह समझाने की कोशिश की गई कि वे किस तरह अपने दम पर कारोबार खड़ा कर सकते हैं। आरसेटी का मकसद ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को हुनर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह संस्थान बैंकिंग सेक्टर के सहयोग से संचालित होता है और यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कई युवक आज सफल व्यवसाय चला रहे हैं।
आज के कार्यक्रम में भी निदेशक ने साफ कहा कि यदि युवा पूरी निष्ठा से प्रशिक्षण लें, तो स्वरोजगार की दिशा में उनकी राह आसान हो सकती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में यह सोच विकसित करना बेहद जरूरी है कि रोजगार सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि स्वयं का बिजनेस भी एक बड़ा विकल्प है।
7 जुलाई से मोटर रिवाइंडिंग प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि 7 जुलाई 2025 से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में मोटर रिवाइंडिंग का निशुल्क प्रशिक्षण शुरू होने जा रहा है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही चालू हो चुकी है और इच्छुक युवा 8085607511 या 9004644921 पर संपर्क कर अधिक जानकारी हासिल कर सकते हैं।
यह प्रशिक्षण विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं के लिए बहुत मददगार साबित होगा, क्योंकि मोटर रिवाइंडिंग का काम गांव-गांव में बहुत मांग में रहता है और इससे वे तुरंत आजीविका शुरू कर सकते हैं। नाबार्ड की जानकारी के अनुसार, तकनीकी कौशल आधारित रोजगार की मांग तेजी से बढ़ रही है।
कैसे होगा रजिस्ट्रेशन?
रतलाम उद्यमी जागरूकता कार्यक्रम 2025 में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को साधारण फॉर्म भरना होगा, जिसमें नाम, पता, शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी देना जरूरी है। इसके बाद संस्थान की टीम सभी आवेदकों का प्राथमिक इंटरव्यू करती है ताकि सही उम्मीदवारों का चयन किया जा सके।
यदि कोई युवक इस प्रशिक्षण के बाद बैंक ऋण के माध्यम से व्यवसाय शुरू करना चाहे, तो उसे ऋण सुविधा भी आरसेटी और प्रायोजक बैंक की मदद से मिल सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव तैयार होती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का असर
इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम न केवल युवाओं को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक माहौल बनाते हैं। बेरोजगारी को कम करने के लिए इस तरह की पहल बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में कई प्रतिभागियों ने सवाल-जवाब के जरिए अपनी जिज्ञासाएं भी दूर कीं, जिससे उन्हें पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हुई। रतलाम की और खबरें भी देख सकते हैं।
कुल मिलाकर रतलाम उद्यमी जागरूकता कार्यक्रम 2025 से ग्रामीण युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास हुआ है। आने वाले समय में ऐसे प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाएंगे और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेंगे।
📢 हमारे अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़ें:
📞 खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
9977238238, 9977290137




