
इंदौर के स्टार्टअप शॉप किराना का 1000 करोड़ रुपये में टेकओवर हुआ है। जानिए शॉप किराना टेकओवर की पूरी कहानी, संस्थापक और सफलता के रहस्य।

- शॉप किराना टेकओवर का परिचय
- शॉप किराना की शुरुआत और सफर
- शॉप किराना कैसे काम करता है?
- संस्थापकों की प्रोफाइल
- शॉप किराना को प्राप्त फंडिंग
- टेकओवर का प्रभाव
शॉप किराना टेकओवर का परिचय
शॉप किराना टेकओवर भारत के स्टार्टअप इतिहास में एक बड़ा और प्रेरणादायक कदम है। इंदौर के इस प्रमुख स्टार्टअप का 1000 करोड़ रुपये में टेकओवर हुआ है, जिसे देश की यूनिकॉर्न कंपनी उड़ान ने अंजाम दिया है। इस टेकओवर के बाद, दोनों कंपनियों का सम्मिलित मूल्य अब ₹12,000 करोड़ से भी अधिक हो चुका है।
शॉप किराना की शुरुआत और सफर
शॉप किराना टेकओवर का आधार 2014 में रखा गया था, जब ऑनलाइन शॉपिंग का चलन शुरू हो चुका था। उस समय दीपक धनोतिया, सुमित घोरावत और तनु तेजस सारस्वत ने मिलकर इस स्टार्टअप को 5-7 लाख रुपये की पूंजी से शुरू किया था। कंपनी का पहला ऑर्डर मात्र ₹700 का था, लेकिन आज यह भारत के अग्रणी ग्रॉसरी डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स में से एक है।
2014 में कंपनी का टर्नओवर ₹1 करोड़ था जो आज शॉप किराना टेकओवर के साथ 1000 करोड़ को पार कर चुका है।
शॉप किराना कैसे काम करता है?
शॉप किराना टेकओवर की सफलता का कारण उसकी कार्यप्रणाली है। छोटे किराना दुकानदारों के लिए यह प्लेटफॉर्म समय और धन दोनों की बचत करता है। दुकानदार शॉप किराना के ऐप या वेबसाइट से 48 घंटे पहले ऑर्डर देते हैं, जिसे नजदीकी वेयरहाउस से डिलीवर किया जाता है।
इससे दुकानदार को बाजार जाने की जरूरत नहीं पड़ती और उनकी दुकान भी बंद नहीं होती। इंदौर लोकल न्यूज़ के अनुसार, यह मॉडल विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए बेहद सफल साबित हुआ है।
संस्थापकों की प्रोफाइल
शॉप किराना टेकओवर के पीछे तीन युवा उद्यमियों का योगदान रहा है:
- सुमित घोरावत: BITS-पिलानी, दुबई से केमिकल इंजीनियरिंग में BE और Carnegie Mellon University से मास्टर्स। पहले Procter & Gamble, Shell India में कार्यरत रहे।
- तनु तेजस सारस्वत: राजस्थान से हैं, 15 साल पहले इंदौर आए और यहीं से शिक्षा प्राप्त की।
- दीपक धनोतिया: 2005 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की और 2009 में एक कंपनी में ₹12,000 की जॉब से करियर की शुरुआत की।
शॉप किराना को प्राप्त फंडिंग
शॉप किराना टेकओवर से पहले भी इस स्टार्टअप को कई निवेशकों का साथ मिला। वर्ष 2022 तक कंपनी को कुल ₹400 करोड़ की फंडिंग प्राप्त हो चुकी थी। यह कंपनी अब 6 राज्यों के 30 शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है, और 50,000 से अधिक किराना दुकानदार इसके साथ जुड़े हैं।
टेकओवर का प्रभाव
शॉप किराना टेकओवर से इंदौर शहर को नई पहचान मिली है। यह टेकओवर केवल एक व्यापारिक सौदा नहीं बल्कि एक विचार की जीत है। इससे यह प्रमाणित होता है कि छोटे शहरों से भी विश्वस्तरीय स्टार्टअप उभर सकते हैं।
उड़ान की टीम का मानना है कि शॉप किराना के साथ साझेदारी से उन्हें टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूत नेटवर्क मिलेगा, जिससे उनकी बाजार उपस्थिति और भी सुदृढ़ होगी।
शॉप किराना टेकओवर से जुड़े हर पहलू को समझना ज़रूरी है। शॉप किराना टेकओवर ने इंदौर को गौरवान्वित किया है। आज हर कोई शॉप किराना टेकओवर के मॉडल को अपनाना चाहता है।
शॉप किराना टेकओवर एक प्रेरणादायक कहानी है, जो यह दिखाती है कि सीमित संसाधनों से भी यदि सोच बड़ी हो तो कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है। इंदौर जैसे शहर से निकले इस स्टार्टअप ने न केवल कारोबार की दिशा बदली है, बल्कि युवाओं को भी यह संदेश दिया है कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने की हिम्मत रखें।
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