
रतलाम कचरा वाहन मामला सोमवार को उस समय तूल पकड़ गया, जब शहर की सड़क पर मृत बछड़ा गिरने से लोगों में आक्रोश फैल गया। यह घटना जैन स्कूल के सामने वाली गली की है, जहां नगर निगम के कचरा वाहन से मृत बछड़ा गिरते ही प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने वार्ड दरोगा सतीश चौहान को निलंबित कर दिया है, जबकि दो जोन प्रभारी पर्वत हाड़े और तरुण राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

ड्रायवर और हेल्पर सेवा से हटे
इस पूरे विवाद के केंद्र में नगर निगम का वह कचरा वाहन है, जिसमें मृत बछड़ा बोरे में भरकर रखा गया था। जैसे ही बोरा सड़क पर गिरा, वाहन चालक ने गाड़ी रोकी तक नहीं। इस घटना के बाद कचरा वाहन ड्रायवर सादीक कुरैशी और हेल्पर करण गौसर को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया। वहीं, विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल गोरक्षा प्रमुख योगेश चौहान की शिकायत पर डीडी नगर पुलिस थाना में दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 272 में केस दर्ज किया गया है।

प्रदर्शन और चक्काजाम
जैसे ही मृत बछड़ा सड़क पर दिखाई दिया, मौके पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बछड़े को उठाकर निगम कार्यालय में रखकर विरोध दर्ज कराया। जब तत्काल सुनवाई नहीं हुई तो आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बछड़े का शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
महापौर की मौजूदगी और हंगामा
लगभग दो घंटे तक नगर निगम परिसर में हंगामा चलता रहा। इस बीच महापौर प्रहलाद पटेल भी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। गोरक्षा संगठनों की मांग थी कि जिस गोपालक ने मृत बछड़े को कचरा वाहन में डलवाया, उसकी पहचान सार्वजनिक की जाए। साथ ही आरोप लगाया गया कि ड्रायवर और हेल्पर मृत जानवरों को रुपए लेकर उठाते हैं। इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया।
पुलिस केस और संक्रमण का खतरा
योगेश चौहान ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मृत बछड़े को सार्वजनिक स्थान पर फेंकना मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा है। इससे गंभीर बीमारियां और संक्रमण फैल सकता है। इसके बावजूद चालक और हेल्पर ने लापरवाही बरती। इसी आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली और मामले की जांच शुरू कर दी।
आगे की कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। दरोगा के निलंबन और जोन प्रभारियों को नोटिस दिए जाने के बाद अब मामले में उच्चस्तरीय जांच चल रही है। वहीं, ड्रायवर और हेल्पर को सेवा से अलग करने के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई भी जारी है।
रतलाम कचरा वाहन मामला केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि जनता की भावनाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। मृत बछड़े को सड़क पर फेंके जाने की घटना ने शहरवासियों को झकझोर कर रख दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नगर निगम और पुलिस मिलकर इस मामले में कितनी पारदर्शिता और सख्ती बरतते हैं।
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