नष्टीकरण की प्रक्रिया नीमच जिले के नयागांव के पास स्थित एक सीमेंट फैक्ट्री में शुक्रवार से शनिवार तक चली। जब्त किए गए मादक पदार्थों को फैक्ट्री के हाई-टेम्परेचर बॉयलर में डालकर पूरी तरह नष्ट किया गया।

इन मादक पदार्थों को किया गया नष्ट
अभियान के दौरान एमडी (MD), डोडाचूरा, अफीम, चरस, गांजा, ब्राउन शुगर सहित विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ नष्ट किए गए। पुलिस के अनुसार, न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब्त मादक पदार्थों का निर्धारित नियमों के अनुसार समय-समय पर नष्टीकरण किया जाता है।

तीन जिलों के 1040 मामलों का माल नष्ट
नष्टीकरण अभियान में तीनों जिलों के कुल 1040 प्रकरण शामिल रहे।
- मंदसौर: 600 मामले
- नीमच: 300 मामले
- रतलाम: 140 मामले
पहले नीमच और रतलाम में जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया गया, इसके बाद मंदसौर जिले के मादक पदार्थ नष्ट किए गए। इससे पहले वर्ष 2025 में भी बड़े पैमाने पर ऐसा अभियान चलाया गया था।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल, मंदसौर और नीमच के पुलिस अधीक्षक सहित तीनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार विशेष समिति की निगरानी में जब्त मादक पदार्थों का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से नष्टीकरण किया गया। यह प्रक्रिया मादक पदार्थों के सुरक्षित निष्पादन और कानून के प्रभावी पालन का हिस्सा है।
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