
मॉडल से साध्वी बनीं साध्वी हर्षानंद गिरि (पूर्व नाम हर्षा रिछारिया) ने एक बार फिर अपने बयानों से चर्चा छेड़ दी है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन पहुंचीं साध्वी हर्षानंद ने कुछ संतों के आश्रमों में महिला सुरक्षा और संतों की जीवनशैली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कई संत आश्रम में ही ब्यूटी पार्लर बुलाकर मैनिक्योर और पेडिक्योर जैसी सेवाएं लेते हैं।

साध्वी हर्षानंद ने कहा कि उन्होंने स्वयं कई ऐसे संतों को देखा है जो आश्रम में पार्लर की सेवाएं लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद ऐसा नहीं करातीं, लेकिन उनका मानना है कि यदि देवी-देवताओं की पूजा सुंदरता और श्रद्धा के साथ की जाती है तो उनके उपासकों को भी सुसज्जित रहने का अधिकार है।
महिला सुरक्षा पर कही बड़ी बात
साध्वी हर्षानंद ने कहा कि आज कोई भी संत 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई संत यह भरोसा दे कि उनके आश्रम में जीवनभर बेटी की तरह सुरक्षित रखा जाएगा, तो वह अपना घर छोड़कर उसी आश्रम में रहने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक उनका अपना स्थायी आश्रम नहीं बन जाता, तब तक उनके पास केवल दो विकल्प हैं—अपने गुरु के आश्रम में रहना या फिर अपने माता-पिता के घर पर रहना, जहां वह स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं।
पहले भी उठ चुके हैं विवाद
संन्यास लेने के बाद साध्वी हर्षानंद को कई संतों की आलोचना का सामना करना पड़ा था। उन पर मेकअप करने, बाल रंगने, लिपस्टिक लगाने और माता-पिता के घर रहने जैसे आरोप लगाए गए थे। गुरु पूर्णिमा पर उन्होंने इन्हीं आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सुरक्षा और सम्मान सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।
उज्जैन में लिया था संन्यास
साध्वी हर्षानंद गिरि ने 18 अप्रैल को उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में महामंडलेश्वर सुमनानंद से दीक्षा लेकर संन्यास ग्रहण किया था। दीक्षा के दौरान उन्होंने पिंडदान भी किया था। इसके बाद से वह विभिन्न धार्मिक आयोजनों में प्रवचन दे रही हैं और लगातार चर्चा में बनी हुई हैं।
नोट: यह समाचार साध्वी हर्षानंद द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों पर आधारित है। संबंधित आरोपों पर अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
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