

नई दिल्ली | 24 जुलाई 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहा छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शन बन चुका है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, फिलहाल 15 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर मौजूद हैं और देशभर से लगातार लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। ऐसे में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।Jantar Mantar Protest
आंदोलन बना सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि शुरुआत में यह आंदोलन केवल दिल्ली-एनसीआर के छात्रों तक सीमित था, लेकिन अब इसमें कई राज्यों से छात्र और समर्थक शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जंतर-मंतर का स्थान संसद, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के नजदीक होने के कारण इसे हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले इस आंदोलन को सुरक्षा के लिहाज से अहम चुनौती माना जा रहा है।
अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती
गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की कंपनियां दिल्ली भेजी हैं। इससे पहले भी CRPF की 20 कंपनियां पश्चिम बंगाल से दिल्ली लाई जा चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में राजधानी में 50 से अधिक कंपनियों की तैनाती हो सकती है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले आंदोलन खत्म कराने पर जोर
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि उनका प्रयास है कि 15 अगस्त से पहले आंदोलन का समाधान निकल जाए, ताकि स्वतंत्रता दिवस समारोह, वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा इंतजामों पर किसी तरह का असर न पड़े।
जंतर-मंतर और आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर व आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। इलाके में अतिरिक्त बैरिकेडिंग, चेकिंग, ट्रैफिक डायवर्जन, पुलिस पिकेट और निगरानी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे लुटियंस दिल्ली क्षेत्र पर विशेष नजर रख रही हैं।
Facial Recognition System (FRS) कैमरे लगाए गए
दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली जिले के कई स्थानों पर Facial Recognition System (FRS) कैमरे लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि इन कैमरों का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों की निगरानी करना नहीं, बल्कि किसी भी असामाजिक तत्व, वांछित अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय आयोजनों के दौरान FRS कैमरों का उपयोग पहले भी सुरक्षा व्यवस्था के तहत किया जाता रहा है।
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