
भोपाल। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब मध्य प्रदेश के कई शहरों में भी सुनाई दे रही है। शुक्रवार को प्रदेश के 20 जिलों में छात्रों, युवा संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। कहीं धरना दिया गया, कहीं रैली निकाली गई तो कई स्थानों पर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे गए। आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र इंदौर बना हुआ है, जहां 25 दिनों से लगातार छात्र धरने पर बैठे हैं और प्रशासन प्रदर्शन स्थल की ड्रोन कैमरों से निगरानी कर रहा है।

प्रदर्शन कर रहे छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित कई मांगें उठा रहे हैं। कई जिलों में कांग्रेस, NSUI और अन्य संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
इंदौर: पांच छात्रों से शुरू हुआ आंदोलन, अब हजारों लोग रोज हो रहे शामिल
मध्य प्रदेश में सबसे लंबा छात्र आंदोलन इंदौर में चल रहा है। 30 जून को टंट्या भील चौराहे पर केवल पांच विद्यार्थियों ने शांतिपूर्ण धरना शुरू किया था। देखते ही देखते यह आंदोलन बड़ा होता गया और अब प्रतिदिन हजारों छात्र, युवा और सामाजिक संगठन यहां पहुंच रहे हैं।
बारिश के बावजूद आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी लगातार धरना दे रहे हैं और सरकार से परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया है। प्रदर्शन स्थल की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।
आंदोलन को समर्थन देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधायक हीरालाल अलावा सहित कई नेताओं ने भी धरना स्थल पहुंचकर छात्रों का हौसला बढ़ाया। आंदोलन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने दिल्ली में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अरुण बड़ोले से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर प्रदर्शनकारियों का उत्साह बढ़ाया।
भोपाल: बोर्ड ऑफिस चौराहे पर लगातार धरना, छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान
राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे पर छात्रों का धरना लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा का व्यंग्यात्मक पोस्टर भी चर्चा का विषय बना।
ग्वालियर: आंदोलन को लेकर समर्थक और विरोधी आमने-सामने
ग्वालियर में छात्र आंदोलन को लेकर दो अलग-अलग पक्ष सामने आए। एक समूह जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का समर्थन कर रहा था, जबकि दूसरा पक्ष आंदोलन के दौरान लगाए गए कथित नारों का विरोध कर रहा था।
दोनों पक्ष कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां आमने-सामने आने के बाद कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित कर लिया और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनने दी।
जबलपुर: छात्र आंदोलन के विरोध में बनी ‘लाल हिट जनता पार्टी’
जबलपुर में आंदोलन ने अलग ही रूप ले लिया। यहां कुछ लोगों ने कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध में ‘लाल हिट जनता पार्टी’ नाम से संगठन बनाकर प्रदर्शन किया।
संगठन के कार्यकर्ताओं ने मालवीय चौक पर एकत्र होकर कहा कि छात्रों की कई मांगें उचित हो सकती हैं, लेकिन विरोध का तरीका सही नहीं है। उन्होंने अपने सीने पर पोस्टर लगाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और आंदोलन के स्वरूप पर सवाल उठाए।
धार: स्कूली विद्यार्थियों के साथ निकाली तिरंगा यात्रा
धार जिले के टांडा में जयस संगठन के नेतृत्व में स्कूली विद्यार्थियों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली गई। रैली के दौरान युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग उठाई और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। हाथों में तिरंगा और मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर विद्यार्थियों ने पूरे क्षेत्र में मार्च किया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई।
मऊगंज: कॉलेज परिसर के बाहर NSUI का प्रदर्शन
मऊगंज में शासकीय केदारनाथ महाविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कुछ ही समय में आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हो गए।
प्रदर्शन के बाद रैली निकाली गई, जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
नर्मदापुरम: प्रदर्शन के दौरान जला पुतला, कुछ देर अफरा-तफरी
नर्मदापुरम में NSUI कार्यकर्ताओं ने सांसद दर्शन सिंह चौधरी के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान प्रधानमंत्री का पुतला जलाया गया।
पुलिस ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी जलता पुतला लेकर सड़क पर दौड़ पड़े। इससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में फायर ब्रिगेड की मदद से स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
झाबुआ: पैदल मार्च निकालकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
झाबुआ जिले में भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के बैनर तले युवाओं ने सारंगी से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला।
मार्च के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग रखी।
सिंगरौली: अंबेडकर चौक पर सर्व समाज का धरना
सिंगरौली के बैढ़न स्थित अंबेडकर चौक पर सर्व समाज के बैनर तले धरना आयोजित किया गया। आंदोलन को कांग्रेस का भी समर्थन मिला।
प्रदर्शनकारियों ने छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
भिंड: छात्रों और युवाओं ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
भिंड जिले के लहार में छात्रों और युवाओं ने रैली निकालते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक मामलों में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार किया।
रतलाम: अंबेडकर सर्किल पर धरना, अनुमति नहीं मिलने के बाद भी प्रदर्शन
रतलाम में NSUI कार्यकर्ताओं ने छत्रीपुल स्थित अंबेडकर सर्किल पर धरना देकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्होंने पहले ही प्रशासन से धरने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद छात्र और कार्यकर्ता निर्धारित स्थान पर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
जिलाध्यक्ष नीलेश शर्मा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय होना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
रीवा: भाजपा कार्यालय घेरने निकले कार्यकर्ता, पुलिस ने हिरासत में लिया
रीवा में छात्र संगठनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया, जिसके बाद कुछ समय तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें थाने ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
टीकमगढ़: युवाओं ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
टीकमगढ़ जिले के पलेरा में युवाओं ने बड़ी संख्या में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई। साथ ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई।
शाजापुर: आंबेडकर प्रतिमा से निकाली रैली, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
शाजापुर में छात्र संगठनों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा स्थल से बस स्टैंड तक रैली निकाली। इसके बाद नायब तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
सतना: बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
सतना में जिला कांग्रेस और NSUI के संयुक्त प्रदर्शन के दौरान स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।
बैरिकेड हटाने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान NSUI के जिलाध्यक्ष राहुल सोनी को हिरासत में लिया गया। इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए पुलिस वाहन के सामने नारेबाजी की। करीब 40 मिनट बाद हालात सामान्य हुए।
सीधी: चुरहट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाला पैदल मार्च
सीधी जिले के चुरहट में यूथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में पैदल मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में छात्रों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच, कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग शामिल रही।
बैतूल: संविधान की प्रतियां लेकर धरने पर बैठे छात्र
बैतूल में अंबेडकर चौक पर छात्र संविधान की प्रतियां और पोस्टर लेकर धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आंदोलन स्थल पर क्रमिक भूख हड़ताल भी जारी रही।
उमरिया: कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन
उमरिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्टेशन चौराहे पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामलों में त्वरित कार्रवाई, दोषियों को सजा और छात्रों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग रखी।
इसके साथ ही दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
बड़वानी: बारिश के बीच तीसरे दिन भी जारी रहा धरना
बड़वानी में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों का संयुक्त धरना लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। लगातार बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी प्लास्टिक शीट और अस्थायी शेड बनाकर धरना स्थल पर डटे रहे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
श्योपुर: चार किलोमीटर पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र
श्योपुर में छात्रों ने पीजी कॉलेज से कलेक्ट्रेट तक लगभग चार किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। बड़ी संख्या में छात्र हाथों में तिरंगा और मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर शामिल हुए।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग रखी गई।
प्रदेशभर में बढ़ रहा आंदोलन
इंदौर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब मध्य प्रदेश के कई जिलों तक फैल चुका है। अधिकांश स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हुए, जबकि कुछ शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्का तनाव भी देखने को मिला। छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
क्या है NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला?
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आए। मामले ने तूल पकड़ने के बाद केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई।
पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी बढ़ गई। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाने की मांग उठाई।
जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन, कई राज्यों तक पहुंचा
पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न संगठनों का आंदोलन लगातार जारी है। इस आंदोलन को देश के कई राज्यों से समर्थन मिल रहा है। मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में छात्र संगठन धरना, रैली और ज्ञापन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, सतना, रीवा, धार, बैतूल, झाबुआ, श्योपुर, सीधी, टीकमगढ़, शाजापुर, उमरिया, बड़वानी, नर्मदापुरम, मऊगंज, सिंगरौली और भिंड सहित कई जिलों में प्रदर्शन जारी हैं।
CBI कर रही मामले की जांच
पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के पास है। जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों में कार्रवाई की है। अब तक कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
जांच एजेंसियां परीक्षा से जुड़े नेटवर्क, तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत आरोप पत्र अदालत में पेश किया जाएगा।
NTA अधिकारियों पर कार्रवाई
मामले के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। संबंधित अधिकारियों को सेवा से हटाने का निर्णय लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए सुधारात्मक कदम भी लागू किए जाएंगे।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें
छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- पेपर लीक के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू किए जाएं।
- भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए।
- छात्रों के हितों की रक्षा के लिए जवाबदेही तय की जाए।
आगे क्या?
मध्य प्रदेश में आंदोलन लगातार विस्तार ले रहा है। इंदौर में 25 दिनों से जारी धरना अब प्रदेशव्यापी विरोध का प्रतीक बन चुका है। कई जिलों में छात्र संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था पर नजर रखे हुए है।
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