
घटना 8 जुलाई की है। नगर निगम के प्रभारी फायर अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद साहू नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए जयसिंहपुरा स्थित मां पीतांबरा होटल रेजिडेंसी पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने होटल प्रबंधन से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, फायर ऑडिट रिपोर्ट और भवन अनुमति से संबंधित दस्तावेज मांगे।

आरोप है कि दस्तावेज मांगने पर होटल संचालक का बेटा ब्रजेंद्र उर्फ विकास अरोण्या आक्रोशित हो गया। उसने सरकारी अधिकारी के साथ अभद्रता करते हुए हाथापाई की, उनके दस्तावेज काउंटर से बाहर फेंक दिए तथा वायरलेस सेट और चश्मा तोड़ दिया। इसके बाद उसने फायर अधिकारी को थप्पड़ मारकर घायल कर दिया, जिससे उनके चेहरे पर चोट आई।
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के सहायक आयुक्त राघवेंद्र पालिया, उपायुक्त संजय गुप्ता और सहायक फायर अधिकारी सौम्या चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं और मामले की जांच जारी है।
मामले की सुनवाई के दौरान शासन और थाना महाकाल की ओर से आरोपी की जमानत का विरोध किया गया। प्रभारी उप-निदेशक (अभियोजन) राजेंद्र कुमार खांडेगर के निर्देशन में एडीपीओ शैलेंद्र जीनवाल ने न्यायालय के समक्ष आपत्ति प्रस्तुत की। तर्कों से सहमत होते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भैरवगढ़ सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए।
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