
मंदिर प्रबंधक संध्या मार्कंडेय ने बताया कि VIP दर्शन व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को अलग प्रवेश मार्ग से दर्शन कराए जाते हैं, जिससे सामान्य दर्शन करने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।

सामान्य दिनों में प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये की आय
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, सामान्य दिनों में VIP शीघ्र दर्शन टिकटों से प्रतिदिन करीब 4 से 5 लाख रुपये की आय होती है। वहीं शनिवार, रविवार और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर यह आय 10 से 11 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच जाती है।
भीड़ बढ़ने पर रोकना पड़ता है टिकट वितरण
काल भैरव मंदिर परिसर की सीमित क्षमता को देखते हुए VIP टिकटों की संख्या भी नियंत्रित रखी जाती है। जब श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो जाती है, तब कई बार आधे-आधे घंटे के लिए टिकट वितरण रोक दिया जाता है ताकि परिसर में धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति न बने।
अवकाश और पर्वों पर सबसे अधिक भीड़
शनिवार, रविवार, मुहर्रम सहित अन्य सार्वजनिक अवकाश के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे दिनों में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई बार VIP टिकटों का वितरण पूरी तरह बंद करना पड़ता है।
भीड़ वाले दिनों की आय शामिल नहीं
मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि 20 मई से 3 जुलाई के बीच दर्ज हुई ₹3.09 करोड़ की आय में वे दिन शामिल नहीं हैं, जब अत्यधिक भीड़ के कारण शीघ्र दर्शन टिकटों का वितरण बंद रखा गया था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि सभी दिनों में टिकट जारी रहते तो आय का आंकड़ा और अधिक हो सकता था।
📢 हमारे अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़ें:
📞 खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
9977238238, 9977290137




