

Indore News: इंदौर नगर निगम में सामने आए 103.42 करोड़ रुपये के फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में 32 आरोपियों के खिलाफ 20 हजार से अधिक पन्नों का अभियोजन शिकायत पत्र (Prosecution Complaint) दाखिल किया है। मामले में सरकारी धन के गबन, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप शामिल हैं।
ED की जांच में सामने आया करोड़ों का फर्जीवाड़ा
ईडी की जांच के अनुसार घोटाले को अंजाम देने के लिए फर्जी वर्क ऑर्डर, जाली बिल, फर्जी मापन पुस्तिकाएं (MB), झूठे पूर्णता प्रमाणपत्र और नोटशीट में हेरफेर की गई। इन दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम से 103.42 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया, जबकि कई कार्य या तो कभी हुए ही नहीं या पहले ही पूरे हो चुके थे।
32 आरोपियों में अधिकारी, ठेकेदार और निजी व्यक्ति शामिल
ईडी द्वारा पेश की गई चार्जशीट में नगर निगम के अधिकारी, ठेकेदार, लोकल फंड ऑडिट कार्यालय, रेजिडेंट ऑडिट कार्यालय के अधिकारी तथा अन्य निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि सभी ने मिलकर सरकारी धन के दुरुपयोग की साजिश रची।
59.18 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच
जांच के दौरान ईडी ने अब तक 59.18 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति अटैच, जब्त या फ्रीज की है। इसमें बैंक खातों की राशि, नकदी, एफडी, म्यूचुअल फंड, डीमैट होल्डिंग्स और कई चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं।
52 अचल संपत्तियों पर भी कार्रवाई
ईडी ने दो अलग-अलग अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर 37.14 करोड़ रुपये मूल्य की 52 अचल संपत्तियां अटैच की हैं। इनमें मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थित मकान, व्यावसायिक भवन, कृषि भूमि और प्लॉट शामिल हैं।
नकदी निकालकर खरीदी गई संपत्तियां
जांच एजेंसी के मुताबिक घोटाले की रकम पहले नकद निकाली गई। इसके बाद विभिन्न लोगों में बांटकर फर्जी कारोबारी लेनदेन के जरिए दूसरी संस्थाओं में ट्रांसफर की गई। बाद में इसी राशि से संपत्तियां खरीदी गईं और निजी खर्च किए गए ताकि अवैध धन को वैध दिखाया जा सके।
2024 में 20 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
ईडी ने 5 और 6 अगस्त 2024 को इंदौर सहित 20 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 22.04 करोड़ रुपये की नकदी, बैंक खातों की राशि, एफडी, डीमैट होल्डिंग्स और म्यूचुअल फंड फ्रीज किए गए थे। जांच में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए थे।
मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार
मामले में ईडी ने कथित मास्टरमाइंड अभय सिंह राठौर, मोहम्मद जाकिर और राहुल बडेरा को पीएमएलए की धारा-19 के तहत गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि तीनों ने घोटाले की योजना बनाकर अवैध धन को वैध बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कोर्ट ने जारी किए समन
विशेष पीएमएलए कोर्ट ने अभियोजन शिकायत पत्र स्वीकार करते हुए सभी 32 आरोपियों को समन जारी किए हैं। साथ ही ईडी द्वारा अटैच, जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों को कन्फिस्केट करने की मांग पर भी सुनवाई शुरू कर दी है। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।
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