
महाकाल लोक बनने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। पहले प्रतिदिन 40 से 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 1.5 से 2 लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ मंदिर की आय और दान में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर समिति की कुल आय 142 करोड़ रुपये रही, जिसमें 78 करोड़ रुपये दान से प्राप्त हुए। यह पिछले छह वर्षों का सबसे अधिक दान है। वहीं मंदिर के संचालन, सुरक्षा, कर्मचारियों के वेतन, साफ-सफाई, रखरखाव, अन्नक्षेत्र, गोशाला और अन्य व्यवस्थाओं पर हर साल करीब 135 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
वर्ष 2025 में करीब 6 करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर को 107 करोड़ रुपये का दान मिला, जिसमें 43 करोड़ रुपये दान पेटियों और 64 करोड़ रुपये शीघ्र दर्शन टिकट व रसीदों से प्राप्त हुए। श्रद्धालुओं ने इस अवधि में 592.36 किलोग्राम चांदी और 1.48 किलोग्राम सोना भी मंदिर को भेंट किया।
इसके अलावा मंदिर समिति को लड्डू प्रसादी की बिक्री से 65 करोड़ रुपये की आय हुई। मंदिर समिति के स्वामित्व वाली 90 एकड़ जमीन की कीमत भी करोड़ों रुपये आंकी जा रही है, हालांकि कुछ भूमि से जुड़े मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। महाकाल मंदिर की बढ़ती आय और संपत्ति श्रद्धालुओं की आस्था और लगातार बढ़ रहे धार्मिक पर्यटन का प्रमुख प्रमाण मानी जा रही है।
📢 हमारे अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़ें:
📞 खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
9977238238, 9977290137




