
आधा किलोमीटर चलने के बाद बदली पहली बस
उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड से इंदौर के लिए रवाना हुई पहली बस करीब 15 मिनट में केवल आधा किलोमीटर ही चल सकी। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बस में बैठाया गया। दूसरी बस में एसी खराब था और उससे लगातार पानी टपक रहा था। कुछ देर बाद यात्रियों को तीसरी बस में भेजा गया, जिसके बाद यात्रा आगे बढ़ी।

हाईवे पर 80 किमी प्रति घंटे से अधिक रही रफ्तार
सिक्स लेन हाईवे पर पहुंचते ही बस की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रही। इस दौरान निजी बसों के बीच ओवरटेक की होड़ भी देखने को मिली। सफर के दौरान चालक कई बार मोबाइल फोन पर बात करता और स्क्रीन देखता नजर आया, जिससे यात्रियों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
इंदौर से लौटते समय भी दिखी वही स्थिति
इंदौर से उज्जैन लौटते समय भी बस ने सांवेर के बाद तेज रफ्तार पकड़ ली। बस की स्पीड 81 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई और करीब 30 किलोमीटर की दूरी महज 20 मिनट में पूरी कर ली गई। इस दौरान भी चालक मोबाइल का उपयोग करता दिखाई दिया।

यात्रियों ने जताई चिंता
यात्रियों का कहना है कि रात के समय इस रूट पर बसें और अधिक तेज गति से चलाई जाती हैं। अधिक फेरे लगाने और समय बचाने की होड़ में कई चालक यातायात नियमों और गति सीमा की अनदेखी करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
उज्जैन-इंदौर रूट पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। सितंबर 2025 में एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि जनवरी 2026 में बाइक को टक्कर मारने के बाद गुस्साई भीड़ ने बस में आग लगा दी थी। हाल ही में दो गायों की मौत के बाद भी ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप बस में आग लगा दी थी।
लगातार सामने आ रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि उज्जैन-इंदौर बस रूट पर निजी बसों की निगरानी, स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
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