
हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर पहुंचे बच्चे
विद्यार्थी हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। तख्तियों पर लिखा था, “कलेक्टर मैडम दया करो”, “राठौड़ सर का ट्रांसफर वापस करो”, “हमने आपका क्या बिगाड़ा, जो हमारा स्कूल उजाड़ा” और “रूपनगर का अभियान, राठौड़ सर हैं गांव की शान”। बच्चे कलेक्ट्रेट परिसर में बैठकर कलेक्टर से सीधे मिलने की मांग करते रहे।

कलेक्टर से मिलने की जिद, अपर कलेक्टर ने दिया आश्वासन
कलेक्टर की ओर से अपर कलेक्टर ब्रजेंद्र रावत बच्चों और ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि मामले पर सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन बच्चे कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने की जिद पर अड़े रहे। अंततः कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी और सभी वापस लौट गए।

डीईओ और डीपीसी करेंगे जांच
बाद में शहर एसडीएम तरुण जैन और जिला शिक्षा अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने बताया कि डीईओ और डीपीसी मामले की जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगे, जिसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। इस पर ग्रामीणों और जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब बच्चे और अभिभावक स्वयं अपनी बात रख रहे हैं तो अलग से जांच की आवश्यकता नहीं है।
8 दिन में फैसला नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर शिक्षक का तबादला निरस्त नहीं किया गया तो कलेक्ट्रेट परिसर में टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
निजी खर्च से संवारा स्कूल
ग्रामीणों के अनुसार रूपनगर का शासकीय प्राथमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम का स्कूल है। शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ ने अपने निजी खर्च से स्कूल में कई सुविधाएं विकसित कीं और बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए निजी शिक्षक भी रखा। वर्तमान में विद्यालय में करीब 65 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और कई बच्चे धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं। शिक्षक के तबादले की सूचना मिलने के बाद कई बच्चे भावुक होकर रो पड़े थे।
प्रशासन ने समाधान का दिया भरोसा
अपर कलेक्टर ब्रजेंद्र रावत ने कहा कि विद्यार्थियों और ग्रामीणों की मांग सुनी गई है। सभी पक्षों से चर्चा कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
जावरा विकासखंड के ग्राम रूपनगर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलवार को अपने प्रिय शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ का तबादला निरस्त कराने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचकर भावुक प्रदर्शन किया। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे अपने अभिभावकों और ग्रामीणों के साथ जनसुनवाई में पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक कलेक्टर मिशा सिंह का इंतजार करते रहे। बच्चों का कहना था कि यदि उनके शिक्षक का ट्रांसफर नहीं रोका गया तो वे स्कूल नहीं जाएंगे। उनका दावा है कि पिछले आठ दिनों से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे हैं।
हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर पहुंचे बच्चे
विद्यार्थी हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। तख्तियों पर लिखा था, “कलेक्टर मैडम दया करो”, “राठौड़ सर का ट्रांसफर वापस करो”, “हमने आपका क्या बिगाड़ा, जो हमारा स्कूल उजाड़ा” और “रूपनगर का अभियान, राठौड़ सर हैं गांव की शान”। बच्चे कलेक्ट्रेट परिसर में बैठकर कलेक्टर से सीधे मिलने की मांग करते रहे।
कलेक्टर से मिलने की जिद, अपर कलेक्टर ने दिया आश्वासन
कलेक्टर की ओर से अपर कलेक्टर ब्रजेंद्र रावत बच्चों और ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि मामले पर सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन बच्चे कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने की जिद पर अड़े रहे। अंततः कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी और सभी वापस लौट गए।
डीईओ और डीपीसी करेंगे जांच
बाद में शहर एसडीएम तरुण जैन और जिला शिक्षा अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने बताया कि डीईओ और डीपीसी मामले की जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगे, जिसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। इस पर ग्रामीणों और जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब बच्चे और अभिभावक स्वयं अपनी बात रख रहे हैं तो अलग से जांच की आवश्यकता नहीं है।
8 दिन में फैसला नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर शिक्षक का तबादला निरस्त नहीं किया गया तो कलेक्ट्रेट परिसर में टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
निजी खर्च से संवारा स्कूल
ग्रामीणों के अनुसार रूपनगर का शासकीय प्राथमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम का स्कूल है। शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ ने अपने निजी खर्च से स्कूल में कई सुविधाएं विकसित कीं और बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए निजी शिक्षक भी रखा। वर्तमान में विद्यालय में करीब 65 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और कई बच्चे धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं। शिक्षक के तबादले की सूचना मिलने के बाद कई बच्चे भावुक होकर रो पड़े थे।
प्रशासन ने समाधान का दिया भरोसा
अपर कलेक्टर ब्रजेंद्र रावत ने कहा कि विद्यार्थियों और ग्रामीणों की मांग सुनी गई है। सभी पक्षों से चर्चा कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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