
इंदौर जीआरपी को ट्रेन में चोरी की वारदातों के एक बड़े मामले में सफलता मिली है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो देश के विभिन्न राज्यों में ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर लाखों रुपए के जेवर और कीमती सामान चोरी करता था। आरोपी के कब्जे से करीब 15 लाख रुपए मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए हवाई यात्रा का सहारा लेता था। इसके अलावा वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से संपर्क बनाकर अलग-अलग शहरों में आवाजाही करता था।

अहमदाबाद-इंदौर ट्रेन में की थी बड़ी चोरी
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार आरोपी की पहचान जीतू उर्फ जितेंद्र चावला निवासी उत्तराखंड के रूप में हुई है। आरोपी ने 16 मार्च 2026 को अहमदाबाद से इंदौर आ रही ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री का पर्स चोरी कर लिया था।
पुलिस के मुताबिक पर्स में लगभग 15 लाख रुपए कीमत के सोने के आभूषण रखे हुए थे। घटना के बाद पीड़िता ने इंदौर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने विशेष जांच टीम गठित की। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कई राज्यों के शहरों में लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया।
फरीदाबाद, बरेली, मुरादाबाद, बदायूं समेत विभिन्न स्थानों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने आरोपी को नीमच क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के पास से मिले लाखों के सोने के आभूषण
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषण बरामद किए हैं। इनमें सोने का हार, कानों के टॉप्स, दो सोने के कंगन और चार सोने की अंगूठियां शामिल हैं।
बरामद आभूषणों की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस अब जब्त सामान को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पीड़िता को लौटाने की तैयारी कर रही है।
महंगे शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने महंगे शौक और लग्जरी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है और उसने चोरी को अपना पेशा बना लिया था।
वारदात के बाद फ्लाइट से हो जाता था फरार
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपराध करने के बाद सामान्य यात्रा साधनों का उपयोग नहीं करता था। वह पहचान छिपाने और पुलिस को भ्रमित करने के लिए हवाई यात्रा का सहारा लेता था।
इस रणनीति के कारण कई बार पुलिस को उसकी लोकेशन ट्रैक करने में कठिनाई होती थी। हालांकि इस बार तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही।
सोशल मीडिया पर महिलाओं से बनाता था संपर्क
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवतियों और महिलाओं से दोस्ती करता था।
दोस्ती के बहाने वह अलग-अलग शहरों में पहुंचता था और वहां अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी ने सोशल मीडिया नेटवर्क का उपयोग अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए तो नहीं किया।
कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार आरोपी पर करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में चोरी और अन्य अपराधों के प्रकरण दर्ज बताए जा रहे हैं।
पुलिस अब विभिन्न राज्यों की एजेंसियों से संपर्क कर आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। संभावना है कि पूछताछ में कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
जीआरपी की कार्रवाई से मिली बड़ी सफलता
इंदौर जीआरपी की इस कार्रवाई को रेलवे यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों में होने वाली चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस उसके नेटवर्क तथा अन्य संभावित साथियों की तलाश में जुटी हुई है।
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