
हाल के दिनों में आगजनी की घटनाओं को देखते हुए नगर निगम द्वारा महाकाल मंदिर क्षेत्र के होटल, लॉज और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी मानकों की जांच की जा रही है। इसी अभियान के तहत प्रभारी फायर अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद साहू अपनी टीम के साथ जयसिंहपुरा स्थित मां पीताम्बरा होटल रेजिडेंसी पहुंचे थे। अधिकारी के अनुसार, टीम का एक कर्मचारी पुलिस बल लेने महाकाल थाने गया हुआ था, जबकि वे होटल के रिसेप्शन पर मौजूद कर्मचारी से फायर एनओसी, फायर ऑडिट रिपोर्ट और भवन अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान होटल संचालक मनोहरलाल अरोन्या का पुत्र विकास अरोन्या वहां पहुंचा और विवाद शुरू हो गया।

प्रभारी फायर अधिकारी ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान आरोपी ने उनका परिचय पत्र खींच लिया और रिसेप्शन पर रखा वायरलेस सेट, कार्बन पेपर सहित अन्य दस्तावेज बाहर फेंक दिए, जिससे सरकारी वायरलेस सेट क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद आरोपी ने उन्हें लगातार चार थप्पड़ मारे, जिससे उनके चेहरे, सिर और बाईं आंख में चोट आई।
घटना के बाद फायर अधिकारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी विकास अरोन्या के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने समेत चार अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया है।
महाकाल थाना पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद से फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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