
प्रशासन के अनुसार समय पर आवेदनों का निराकरण नहीं होने से नागरिकों को सेवाएं समय पर नहीं मिल सकीं। सबसे अधिक लंबित आवेदन जावरा और रतलाम तहसील में पाए गए।

38 आवेदन समयसीमा से बाहर मिले
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत न्यायालय नायब तहसीलदार टप्पा बड़ावदा, तहसीलदार सैलाना, तहसीलदार रावटी, नायब तहसीलदार रतलाम शहर (पश्चिम), तहसीलदार जावरा, नायब तहसीलदार टप्पा ढोढर, नायब तहसीलदार आलोट, नायब तहसीलदार टप्पा शिवगढ़ तथा नायब तहसीलदार पिपलौदा के कुल 38 प्रकरण समयसीमा से बाहर पाए गए।
इन अधिकारियों पर लगा जुर्माना
- तहसीलदार जावरा सहदेव मौरे – 20 लंबित प्रकरण, ₹5,000
- नायब तहसीलदार रतलाम शहर (पश्चिम) ऋषभ ठाकुर – 4 प्रकरण, ₹1,000
- नायब तहसीलदार टप्पा बड़ावदा भगवान सिंह ठाकुर – 4 प्रकरण, ₹1,000
- तहसीलदार सैलाना कुलभूषण शर्मा – 1 प्रकरण, ₹250
- तहसीलदार रावटी वंदना किराडे – 1 प्रकरण, ₹250
- नायब तहसीलदार टप्पा ढोढर वैभव जैन – 3 प्रकरण, ₹750
- नायब तहसीलदार आलोट पंकज पवैया – 2 प्रकरण, ₹500
- नायब तहसीलदार टप्पा शिवगढ़ रामकलेश साकेत – 2 प्रकरण, ₹500
- नायब तहसीलदार पिपलौदा श्रद्धा त्रिवेदी – 1 प्रकरण, ₹250
कलेक्टर ने दिए समयसीमा पालन के निर्देश
कलेक्टर मिशा सिंह ने स्पष्ट किया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। समयसीमा का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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